काठमांडू: केरल के तिरुअनंतपुरम के रहने वाले 8 भारतीय पर्यटकों के शव नेपाल के एक होटल में मिले हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद नेपाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। इन्हें इनके घर से बेहोशी की हालत में एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि इनमें किसी की भी जान बचाई नहीं जा सकी। घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि सभी पर्यटक तिरुअनंतपुरम (केरल) के निवासी थे। इनके शव काठमांडू से तिरुअनंतपुरम लाए जा रहे हैं।

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मृतकों में रंजीत और प्रवीण समेत उनकी पत्नियां और 4 बच्चे शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सभी की मौत दम घुटने के कारण हुई है। बताया जाता है कि दो परिवार गहरे दोस्त थे। साथ ही एक ही कमरे में दोनों परिवार ठहरे हुए थे। ठंड अधिक होने के कारण दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद करके रखे गए थे।

नेपाल पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक कुल 15 सदस्यीय दल केरल से नेपाल घूमने आया था। आठ लोगों का दल एक कमरे में ठहरा हुआ था। इन लोगों ने रूम गर्म करने के लिए रूम हीटर की मांग की थी। इसके बाद रूम हीटर चालू करके इन्होंने खिड़कियां और दरवाजे भीतर से बंद कर लिया। माना जाता है कि ऑक्सीजन की कमी के चलते इनकी सांसें रुक गईं और ये बेहोशी की हालत में चले गए। जब तक चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई जाती इन लोगों ने दम तोड़ दिया।

जानकारों के मुताबिक खराब गैस हीटर के कारण कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। बिना किसी रंग और गंध की यह गैस बेहद जहरीली होती है। इससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। साथ ही शरीर के सभी अंग प्रभावित होते हैं और जल्दी ही आदमी की जान चली जाती है।