नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्भया मामले के दोषी पवन गुप्ता के किशोर होने का दावा करने वाली याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हम कितनी बार वही बातें सुनेंगे, आपने इसे कई बार उठाया है।"

पवन गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने यह मानने से इनकार कर दिया था कि जब उसने निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म का अपराध किया था, तब वह एक किशोर था। न्यायमूर्ति आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया।

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को चारों दोषियों-विनय शर्मा, मुकेश कुमार, अक्षय कुमार सिंह और पवन की मौत की सजा पर एक फरवरी को अमल करने के लिये नये सिरे से आवश्यक वारंट जारी किये थे।

यह भी पढ़ें :

इंदिरा जयसिंह की सलाह पर भड़कीं निर्भया की मां, कही ये बड़ी बात...

फांसी से पहले निर्भया के गुनहगारों को सुनाया जाएगा ‘गरुड़ पुराण’ !

निर्भया के साथ 16-17 दिसंबर, 2012 की रात में दक्षिण दिल्ली में चलती बस में छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था। निर्भया की बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी।