एटा : निर्भया के गुनहगारों को 'गरुड़ पुराण' सुनाने के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन से अनुमति मांगी गयी है। जेल में बंद कैदियों को सुधारने के लिए काम करने वाले प्रदीप रघुनन्दन ने गत 12 जनवरी को तिहाड़ कारागार प्रशासन को पत्र लिखकर दोषियों को गरुड़ पुराण सुनाने की अनुमति मांगी है।

तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इस सिलसिले में कोई जवाब नहीं मिला है। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के चार दोषियों विनय शर्मा, मुकेश कुमार, अक्षय कुमार और पवन के खिलाफ एक फरवरी के लिए फिर से डेथ वारंट जारी किए हैं।

निर्भया मामले में मौत की सजा पाने वाले एक दोषी पवन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें अदालत ने दिसंबर 2012 में अपराध के समय उसके नाबालिग होने के दावे को खारिज कर दिया था।

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दोषी पवन कुमार गुप्ता ने उच्च न्यायालय के 19 दिसंबर के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने फर्जी दस्तावेज जमा करने और अदालत में हाजिर नहीं होने के लिए उनके वकील की निंदा भी की थी। अब दोषी पवन कुमार गुप्ता ने वकील ए. पी. सिंह के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी अपील में खुद के नाबालिग होने की दलील दी है।

शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि 16 दिसंबर 2012 को जब निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ, उस समय वह नाबालिग था। इतना ही नहीं, पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी अपील की कि तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश जारी किया जाए, ताकि उसको एक फरवरी को फांसी न दी जाए।