मकर संक्रांति पर इन सूर्य मंदिरों में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भारी भीड़, होती है विशेष पूजा

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

भारतवर्ष में हर साल 13 से 15 जनवरी के बीच मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है और यह हिन्दूओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार है और इसी दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। यही वजह है कि इसे मकर संक्रांति कहते हैं। हिन्दू धर्म की परंपरा के मुताबिक इस दिन जो भक्त खास उपाय करता है जीवनभर उस पर सूर्य की कृपा बनी रहती है।

मकर संक्रांति पर लोग तीर्थस्थलों पर पवित्र स्नान करने के बाद श्राद्धालु मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे तो मकर संक्रांति पर श्रद्धालु मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे मंदिर हैं जहां विशेषकर मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य की कृपा के पात्र बनने के लिए श्रद्धालु लाखों की संख्या में पहुंचते हैं।

भारत में अगर हम सूर्य देव के मंदिरों का जिक्र करें तो सबसे पहले ओडिशा स्थित कोणार्क मंदिर पहले आता है। यहां सूर्य देव सात घोड़ों पर सवार करते दिखते हैं। मुख्य रूप से रथ के आकार में बना कोणार्क सूर्य देव को समर्पित है। यह मंदिर भारत की मध्यकालीन वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है। बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में तत्कालीन राजा नरसिम्ह देव ने करवाया था और यह मंदिर अपनी शिल्पकला और विशेष आकार की वजह से दुनियाभर में मशहूर है।

सूर्य मंदिर, तिरुमलगिरी

तिरुमलगिरी स्थित सूर्य मंदिर 

तेलंगाना के सिकंदराबाद के तिरुमलगिरी में स्थित है सूर्य मंदिर। यहां लोग मकर संक्रांति पर बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यहां न केवल मकर संक्रांति बल्कि आम दिनों में भी श्रद्धालु बड़ी तादाद में पहुंचकर सूर्य देव के दर्शन करते हैं।

सूर्य मंदिर, औंगारी

औंगरी स्थित सूर्य मंदिर

बिहार के नालंदा का सुप्रसिद्ध सूर्यधाम औंगारी और बड़गांव के सूर्य मंदिर काफी मशहूर है। लोगों में यह धारणा है कि यहां के सूर्य तालाब में स्नान कर मंदिर में पूजा करने से कुष्ठ रोग सहित कई जटिल रोगों से मुक्ति मिलती है। इस मंदिर में छठ के मौके पर भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

सूर्य मंदिर, रांची

रांची स्थित सूर्य मंदिर

झारखंड की राजधानी रांची से 39 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह सूर्य मंदिर। यह मंदिर बुंडू के समीप है, 7 संगमरमर से निर्मित इस मंदिर का निर्माण 18 पहियों और 7 घोड़ों के रथ पर विद्यमान भगवान सूर्य के रूप में किया गया है। हर साल 25 जनवरी को यहां बड़ा मेला होता है।

सूर्य मंदिर، झालरापाटन

झालरपाटन सूर्य मंदिर

राजस्थान में सिटी ऑफ वेल्स यानी घाटियों के शहर के नाम से मशहूर झालरापाटन के बीच बना है यह सूर्य मंदिर। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में मालवा के परमार वंशीय राजाओं ने करवाया था। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की प्रतिमा भी है। वास्तुकला की दृष्टि से भी यह मंदिर अहम है। यह मंदिर राजस्थान में स्थित है।

ब्रह्मन्य देव मंदिर, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश स्थित ब्रह्म देव सूर्य मंदिर

यह सूर्य मंदिर मध्‍य प्रदेश के उन्‍नाव में स्‍थित है। इस मंदिर में सूर्य दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। मंदिर में ऐसी मान्यता है कि किसी भी प्रकार का चर्म रोग हो तो वह इस मंदिर में दर्शन करने मात्र से ठीक हो जाता है। मकर संक्रांति के दिन यहां काफी भीड़ रहती है।

सूर्य मंदिर, असम

सूर्य मंदिर-असम

असम के सूर्य प्रहर में स्‍थित यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है। मंदिर के अलावा यह जगह हिल स्‍टेशन के लिए भी जानी जाती है। यहां पर बना सूर्य मंदिर दर्शकों को काफी आकर्षित करता है। यहां पर सूर्य देव की अलग-अलग आकृति वाली प्रतिमाएं विराजित हैं।

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