नई दिल्ली : AIMIM के नेता व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पारित हो जाता है तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम तानाशाहा हिटलर और डेविड बेन गुरियन के साथ जुड़ा जाएगा।

सोमवार को लोकसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल से देश के साथ गृहमंत्री की रक्षा करने की अपील कर रहा हूं, वरना जर्मनी में जाति के आधार पर बनाए गए नुरमबर्ग कानून और इजरायल की नागरिकता कानून बनाने वाले हिटलर और डेविड बेन की तरह गृहमंत्री अमित शाह के नाम भी उनकी सूची में शामिल हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन बिल सर्वानंद सोनोवाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करता है। उन्होंने इस बिल को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे मूलभूत अधिकारों का हनन होता है। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतंत्र के अलावा केंद्र एकतरफा रुख अपना रहा है और इसीलिए हम इस बिल का विरोध कर रहे हैं।

हालंकि असदुद्दीन ओवैसी की इस टिप्पणी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गलत ठहराते हुए कहा कि सदन में इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी का बयान सदन के रिकॉर्ड्स से हटा दिया जाएगा।

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शाह बोले-नागरिक संशोधन बिल को लेकर डरने की जरूरत नहीं

इससे पहले, मोदी सरकार की प्रतिष्ठित नागरिकता संशोधन बिल को अमित शाह ने सोमवार सुबह लोकसभा में पेश किया, लेकिन धर्म के आधार पर नागरिकता संशोधन बिल को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और माकपा इसका विरोध कर रहे हैं।

लोकसभा में नागरिकता बिल पेश करने के दौरान अपने बात रखने वाले ओवैसी ने इस बिल के जरिए देश को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। बाद में उन्होंने सदन में बिल की कॉपी फाड़ दी।