रामनाथपुरम : हैदराबाद के दिशा गैंगरेप एवं मर्डर केस के आरोपियों के एनकाउंटर के बाद दिल्ली के निर्भया केस के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग तेज हो गई है। तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के एक हेड कांस्टेबल ने तिहाड़ जेल में मृत्युदंड पाए दोषियों को फांसी पर लटकाने वाला जल्लाद बनने की पेशकश की है।

दिल्ली में कारावास डीजीपी को लिखे पत्र में हेड कांस्टेबल सुभाष श्रीनिवास ने कहा, ‘‘मैं तिहाड़ जेल में जल्लाद के तौर पर काम करना पसंद करूंगा।'' उन्होंने कहा कि उन्हें इस काम के लिए किसी तरह का भुगतान नहीं चाहिए।

श्रीनिवास ने कहा कि निर्भया मामले में मृत्युदंड पाए चार दोषियों को फांसी पर लटकाया जाना है। श्रीनिवास को जब पता चला कि तिहाड़ जेल में जल्लाद नहीं है तो उन्होंने यह काम करने की पेशकश की।

निर्भया के एक दोषी ने राष्ट्रपति से दया याचिका वापस लेने की मांगी अनुमति निर्भया के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दया याचिका वापस लेने की मांग की। उसने कहा कि बिना उसकी सहमति के दया याचिका भेजी गई थी।

दोषी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में आरोप लगाया कि उसकी कथित दया याचिका तिहाड़ जेल प्रशासन ने ‘‘गलत इरादे'' से और दिल्ली सरकार के साथ मिलकर ‘‘आपराधिक साजिश'' के तहत बिना उसकी सहमति की भेजी और जिसे गृह मंत्रालय ने उन्हें अग्रेषित किया है।

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विनय शर्मा ने कहा कि दया याचिका दायर करने से पहले उसके पास अब भी कानूनी विकल्प मौजूद है क्योंकि उसने अभी तक उच्चतम न्यायालय के समक्ष उपचारात्मक याचिका दायर नहीं की है।

उसने लिखा, ‘‘इसलिए आपसे विनम्र निवेदन करता हूं कि उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में मेरे या मामले के अन्य दोषियों की ओर से संभावित याचिका दायर करने या लंबित रहने सहित तमाम कानूनी विकल्प खत्म नहीं हो जाते मुझे दया याचिका वापस करने की अनुमति दी जाए जिसे बिना मेरी सहमति और हस्ताक्षर भेजी गई है।''