हजारीबाग: झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के दौरान नक्सलियों का खौफ सिर चढ़कर बोल रहा है। ताजा मामले में नक्सलियों ने हजारीबाग में त्रिवेणी कंपनी के जीएम गोपाल सिंह की हत्या कर दी। घटना के बाद पीएलएफआई ने पत्र जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। नक्सली दिनेश गोप के हस्ताक्षर से लिखे पत्र में सिस्टम को खुल्लम खुल्ला धमकी दी गई है।

इससे पहले लातेहार में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला उसके बाद पहले चरण के चुनाव के दौरान गुमला में चार आईईडी ब्लास्ट और अब एक बार फिर से नक्सलियों ने हजारीबाग में त्रिवेणी कंपनी के जीएम गोपाल सिंह की हत्या ने पुलिस की नींद हराम कर रखी है। साफ है कि झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में नक्सलियों के साए से इनकार नहीं किया जा सकता है। पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया सहित कई अन्य नक्सली संगठन चुनाव के दौरान उगाही और हिंसा में शामिल हैं।

आपको बता दें कि, झारखंड विधानसभा का चुनाव पांच चरणों में हो रहा है। 30 नवंबर को पहले चरण का चुनाव समाप्त हो चुका है जबकि दूसरे चरण का चुनाव 7 दिसंबर को 20 सीटों के लिए होगा। लिहाजा सुरक्षा के नजरिए से झारखंड विधानसभा चुनाव बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। यही वजह है कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने सुरक्षा को पुख्ता बनाने के उद्देश्य से खास इंतजाम करने का दावा किया है।

पूर्व नक्सली कुंदन पाहन भी चुनाव मैदान में

पूर्व कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के चुनाव मैदान में होने के चलते झारखंड में नक्सलियों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। हालांकि कुंदन को अपने ही पूर्व नक्सली साथियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। बता दें कि कुंदन पाहन भाकपा माओवादी के झारखंड रीजनल कमेटी का सचिव रह चुका था। जिस पर पुलिस ने 50 लाख का ईनाम रखा हुआ था। कुंदन पाहन ने मई 2017 में सरेंडर किया था।

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कुंदन पाहन की हनक इस बात से पता चलती है कि उस पर पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा, सांसद सुनील महतो, डीएसपी प्रमोद कुमार और इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार की हत्या समेत हत्या के 77 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा चर्चित आईसीआईसीआई बैंक के कैश वैन से पांच करोड़ रुपए और एक किलो सोना लूटने में भी वह आरोपी है। फिलहाल हजारीबाग ओपेन जेल में कुंदन पाहन बंद है। साथ ही एनआईए कोर्ट की इजाजत पर वो जेल से ही चुनाव लड़ रहा है।