रायपुर : राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास के बारे में सभी को पता है,लेकिन हम आपको आज एक दूसरा राष्ट्रपति भवन दिखा रहे हैं। इस भवन की कहानी भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद से जुड़ी है।

कहां स्थित है यह राष्ट्रपति भवन ?

यह राष्ट्रपति भवन अंबिकापुर से 10 किलोमीटर दूर मनेंद्रगढ़ रोड पर बसे पंडोनगर में स्थित है। इस भवन में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने दो दिन का समय बिताया था। वे 22 नवंबर 1952 को यहां आए थे। उनके ठहरने के लिए यह भवन बनाया गया था। जिसे बाद में पक्के घर में बदल दिया गया और राष्ट्रपति भवन नाम दे दिया गया। इस भवन की देखरेख ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन करता है।

क्या है इसके पीछे की कहानी

दरअसल 11 नवंबर, 1952 में सूरजपुर के राजा रामानुज शरण सिंह के साथ एक हेलीकॉप्टर में अपनी एक यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्रसाद ने पंडो गाँव को देखा और गांव को देख वे इतने खुश हुए कि उन्होंने यहां दो दिन का वक्त बिताया। गांव वालों ने राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया। गांव वालों के हावभाव और मेहमाननवाजी से खुश होकर राष्ट्रपति प्रसाद ने गांव के हर घर में मवेशी बांटे।

राष्ट्रपति ने किया था डांस

राष्ट्रपति ने उस समय यहां के पंडो जनजाति की महिलाओं के साथ करमा डांस भी किया था। उनके साथ डांस करने वाली जयंती बाई बताती हैं कि उस समय उनकी उम्र 25 साल थी।

13 साल पहले हुई थी भवन की मरम्मत

इस राष्ट्रपति भवन की मरम्मत 2006 में सरगुजा कलेक्टर मनोज कुमार पिंगुआ ने ग्रामीणों के सहयोग से करवाया था। राष्ट्रपति द्वारा उस समय लगाया गया खैर का पौधा अब पेड़ बन गया है। गांव के लोग सामूहिक रूप से हर साल देश के पहले राष्ट्रपति का धूमधाम के साथ जन्मदिन मनाते हैं। कथित तौर पर, आजादी के बाद से परिवारों की संख्या 35 से बढ़कर 700 हो गई है।