नई दिल्ली : केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नील क्रांति योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत मछलीपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सभा में शुक्रवार को सांसद वी विजयसाई रेड्डी द्वारा पूछे गये सवाल का जवाब केंद्रीय मंत्री ने दिया। मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर केंद्र मछुआरों का मछलीपालन के लिए हौसला बुलंद कर रही है। साथ ही उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए मछुआरों में सेफ्टी किट वितरित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि फायबर ग्लास प्लास्टिक नाव, इन्सुलेटेड आइस बॉक्स उपलब्ध कराने के लिए शिपिंग हार्बर, शिप लैंडिंग केंद्र बनाये जायेंगे। मछुआरों को समुद्र में दूर तक मछलियां पकडने जाने के बाद ट्रॉलर लांग लाइनर की आवश्यकता होती है, इसके लिए उन्हें केंद्र से आर्थिक सहायता उपलब्ध की जाएगी। उन्होंने कहा कि समुद्र में मछली पकड़ने का प्रतिशत घटा नहीं है। वर्ष 2017-18 में कुल मत्स्य संपदा में 70 प्रतिशत मछलियां पकड़ी गई।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कैटागिरियों में 2.6 लाख नाव द्वारा मछलियां पकड़ने का काम जारी है। देश की मत्स्य संपदा समुद्र में कुल 5.31 मिलियन टन होगी। तटीय क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय समिति समुद्र में मछलियां पकड़ने जानेवाले मछुआरों की सुरक्षा का पर्यवेक्षण करेंगे।