नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों को लगता है कि अगर छात्रावास शुल्क में वृद्धि हुई तो इससे जेएनयू में पढ़ने का छात्रों का सपना टूट सकता है। जेएनयू में फीस वृद्धि को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया है। बुधवार को प्रदर्शनकारी छात्र प्रशासनिक भवन में घुस गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं।

प्रशासनिक भवन में ही वाइस चांसलर समेत जेएनयू प्रशासन के सभी अधिकारियों के दफ्तर हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक वाइस चांसलर आकर खुद हमसे नहीं मिलते हैं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

कई छात्राओं ने कहा कि अगर फीस वृद्धि हुई तो वे अपने घर वापस लौट जाएंगी। जेएनयू छात्रसंघ, मसौदा छात्रावास नियमावली को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। छात्रों का दावा है कि इसमें शुल्क वृद्धि, ड्रेस कोड और कर्फ्यू के समय को लेकर प्रावधान हैं।

नियमावली बुधवार को कार्यकारी परिषद की बैठक में चर्चा के लिए रखी जा सकती है और अगर मंजूरी मिली तो उसे लागू कर दिया जाएगा।

रूसी भाषा में स्नातकोत्तर कर रहीं ज्योति कुमारी ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में नौकरी के अवसरों की वजह से एक पेशेवर पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। उनके पिता बिहार के सासाराम में एक किसान हैं और उनकी वार्षिक आय 72,000 रुपये है।

'स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज' में स्नातकोत्तर कर रहीं मनीषा ने कहा कि अगर फीस वृद्धि लागू की जाती है तो उन्हें घर वापस बुला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं फिलहाल तीसरे सेमेस्टर में हूं और अगर फीस वृद्धि अगले साल जनवरी से प्रभावी होती है, तो हो सकता है कि मैं अपना चौथा सेमेस्टर भी पूरा नहीं कर पाउं।"

हरियाणा की निवासी मनीषा ने जेएनयू में पढ़ने के लिये संघर्ष किया। उन्होंने कहा, "स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, मेरे माता-पिता मेरी शादी करवाना चाहते थे लेकिन मैंने जेएनयू प्रवेश परीक्षा पास कर ली और उन्हें मना लिया। हरियाणा में, यह धारणा अभी भी है कि महिलाओं को जल्द से जल्द शादी कर लेनी चाहिए।"

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दर्शनकारी छात्र मसौदा छात्र नियमावली को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिसमें 1,700 रुपये का सेवा शुल्क का प्रावधान है। साथ ही छात्रावास सिक्योरिटी के लिये ली जाने वाली राशि को 5,500 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है। हालांकि इसे बाद में वापस कर दिया जाता है।

सिंगल-सीटर रूम का किराया 20 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जबकि डबल-सीटर रूम का किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति माह किया गया है।