नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने 16 दिनों से चले आ रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रावास शुल्क में वृद्धि बुधवार को आंशिक रूप से वापस लेने का फैसला किया। विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद् की बैठक में यह फैसला किया गया। छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर आखिरी क्षणों में इसके आयोजन स्थल में बदलाव किया गया और इसे परिसर के बाहर आयोजित किया गया।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव आर सुब्रमण्यम ने ट्वीट किया, ‘‘जेएनयू कार्यकारिणी परिषद् छात्रावास शुल्क और अन्य नियमों को बहुत हद तक वापस लेने का फैसला करता है। आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईब्ल्यूएस) के छात्रों के लिये आर्थिक सहायता की एक योजना का भी प्रस्ताव किया गया है। कक्षाओं में लौटने का वक्त आ गया है।'' परिषद् जेएनयू की फैसला लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।

सूत्रों के मुताबिक अकेले रहने वाले कमरे का किराया, जिसे 20 रुपये से बढ़ा कर 600 रुपये प्रति माह कर दिया गया था, वह अब 200 रुपये होगा। इसी तरह, दो छात्रों के रहने वाले कमरे का किराया जिसे 10 रुपये से बढ़ा कर 300 रुपये प्रति माह किया गया था, वह अब 100 रुपये होगा।''

इससे पहले, बुधवार को विश्वविद्यालय के छात्रों ने छात्रावास शुल्क में वृद्धि वापस लेने की अपनी मांग को लेकर विरोध- प्रदर्शन तेज कर दिया। वाम दल समर्थित छात्र संगठनों के विद्यार्थी छात्रावास शुल्क में वृद्धि के खिलाफ करीब पखवाड़े भर से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र संगठनों का दावा है कि छात्रावास नियमावली मसौदा में छात्रावास शुल्क वृद्धि और ड्रेस कोड आदि के प्रावधान हैं, जिसे इंटर-हॉल प्रशासन ने मंजूरी दी थी।

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प्रदर्शनकारी छात्रों ने बुधवार को प्रशासन खंड के बाहर जेएनयू प्रशासन और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। उल्लेखनीय है कि छात्रों ने सोमवार को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) के बाहर प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन तेज होने पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक' उसके अंदर करीब छह घंटे तक फंस गये और उन्हें दो कार्यक्रम रद्दे करने को मजबूर होना पड़ा था।

जेएनयू अध्यापक संघ (जेएनयूटीए) के एक प्रतिनिधि ने बताया, ‘‘स्पष्ट सूचना मिलने पर हम एक बयान जारी करेंगे। अगर खबरों पर यकीन करें तो कोई वापसी नहीं बल्कि दिखावटी बदलाव किया जा रहा है ।''

प्रतिनिधि ने कहा कि वे कार्यकारी परिषद को वैध नहीं मानते क्योंकि बैठक का आयोजन स्थल बदले जाने के बारे में प्रशासन से सूचना नहीं दिए जाने के कारण आठ सदस्य उपस्थित नहीं थे । जेएनयू छात्र संघ ने कहा कि उनके साथ छात्रावास नियमावली पर जब तक चर्चा नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा ।

छात्र संघ ने एक बयान में कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि जेएनयू के लिए शुल्क वृद्धि को बड़े पैमाने पर वापस लिया गया है । उन्होंने कहा कि जो कहा जा रहा है, इस संबंध में जेएनयू समुदाय को कोई पत्र नहीं मिला है। बिना किसी संवाद या विमर्श के ईसी बैठक हुई ।

उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू समुदाय को इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है । उक्त बैठक बिना किसी सूचना या विमर्श के हुई। अगर उसने आईएचए नियमावली को बिना विचार विमर्श के पास किया है तो हम उसे खारिज करते हैं। इसमें समय पर बंदिशें, एक दिन के लिए वयस्क छात्रों को बाहर जाने की अनुमति और ड्रेस कोड को लेकर प्रतिगामी विचार हैं ।''

उन्होंने बताया कि शुल्क वृद्धि के मुद्दे पर अपुष्ट खबरें हैं कि केवल कमरे के किराए को तथाकथित रूप से व्यापक स्तर पर वापस लिया गया है ।