नहीं थमा पुलिस और वकीलों का विवाद, चौथे दिन प्रदर्शन जारी, थोड़ी देर में HC में सुनवाई  

वकीलों ने चौथे दिन भी कोर्ट में कामकाज नहीं होने दिया। - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : पुलिस महकमे के साथ बढ़े तनाव के बीच वकीलों ने बुधवार को अपना काम छोड़कर चौथे दिन भी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी रखा। साकेत कोर्ट लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा, जिससे पीड़ितों को परेशानी हुई।

दिल्ली की सभी छह जिला अदालतों में वकीलों ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन काम ठप रखा। कुछ अदालतों में तो उन्होंने वादियों को परिसर के भीतर भी नहीं जाने दिया। तीस हजारी अदालत परिसर में दो नवंबर को वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प की घटना के विरोध में वकील प्रदर्शन कर रहे हैं और काम का बहिष्कार कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी वकीलों ने पटियाला हाउस और साकेत जिला अदालतों के दरवाजे बंद कर दिए तथा वादियों को भीतर नहीं जाने दिया। रोहिणी जिला अदालत में प्रदर्शन के दौरान एक वकील ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की कोशिश की, जबकि एक अन्य प्रदर्शनकारी वकील परिसर में स्थित एक इमारत की छत पर चढ़ गया। प्रदर्शनकारी एक अन्य वकील ने कहा कि जब तक वकीलों पर लाठीचार्ज करने और कथित तौर पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।

तीस हजारी अदालत की दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव जयवीर सिंह चौहान ने कहा, ‘‘वादियों को अदालत परिसर में प्रवेश की इजाजत दी गई। हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें अदालत के कमरों में भी जाने दिया जा रहा है।''

पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच तनाव के हालात शनिवार से बनने शुरू हो गए थे जब तीस हजारी अदालत में पार्किंग को लेकर हुई झड़प में कम से कम 20 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गए थे। इसके बाद, सोमवार को साकेत अदालत के बाहर एक पुलिसकर्मी पर वकीलों के कथित हमले की घटना हुई।

इन घटनाओं के विरोध में पुलिसकर्मियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया था। सोमवार की घटना के वीडियो में, साकेत जिला अदालत के बाहर मोटरसाइकिल पर सवार एक पुलिसकर्मी को कुहनी और थप्पड़ मारते दिख रहे अज्ञात लोगों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।


दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होगी : बीसीआई

जिला अदालतों के बाहर वकीलों के प्रदर्शन के बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बुधवार को कहा कि वकीलों, पुलिस और जनता से जुड़ी हिंसा की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उच्चतम न्यायालय परिसर में मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि बीसीआई ने वकीलों और पुलिस के बीच हिंसा की सभी घटनाओं को गंभीरता से लिया है तथा दोषियों के खिलाफ सभी आवश्यक कार्रवाई की जायेगी

पुलिसकर्मियों पर लगाया भड़काऊ भाषण का आरोप

उन्होंने पुलिसकर्मियों पर मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के बाहर अपने प्रदर्शन के दौरान न्यायाधीशों एवं वकीलों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया। सोमवार को साकेत जिला अदालत के बाहर एक ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी और शनिवार को तीस हजारी अदालत परिसर में एक वकील के बीच पार्किंग के विवाद के बाद अपने सहकर्मियों की पिटाई के विरोध में पुलिस ने प्रदर्शन किया।

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क्या है मामला

तीस हजारी झड़प मामले में 20 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गये थे। वहीं साकेत अदालत के बाहर मोटरसाइकिल पर सवार एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी को कोहनी मारते और उसे थप्पड़ मारते हुए वीडियो सामने आने के बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं।

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