केवड़िया : लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती पर देश उन्हें याद कर रहा है। उनकी जयंती को देश राष्ट्रीय एकता और अखंडता दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती के मौके पर केवाड़िया में 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इसके बाद उन्होंने वहां उपस्थित सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों को एकता की शपथ दिलाई।

इससे पहले मोदी ने ट्वीट किया था, "महान सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि। देश के प्रति उनका योगदान स्मरणीय है।"

साल 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन लोग 'रन फॉर यूनिटी' में भाग लेते हैं।

केवड़िया में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें देश भर के लोग शामिल हुए हैं। सरदार पटेल को इस कार्यक्रम के जरिए अलग अलग रूपों में याद किया जा रहा है।

सरदार पटेल के जन्मदिन को एकता दिवस के रूप में मना रहा है। जिस तरह से आजादी के बाद सरदार पटेल ने कूटनीति के जरिए करीब 562 रियासतों का एकीकरण भारतीय संघ में कराया उसे देश ही नहीं बल्कि दुनिया भी याद करती है। भारतीय रियासतों के एकीकरण में जूनागढ़, ट्रावनकोर, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर खास जगह रखता है।

हर एक रियासत के एकीकरण की अपनी कहानी है। हैदराबाद का निजाम, ट्रावनकोर का राज अपने आपको आजाद रखने का सपना संजो रहे थे। लेकिन सरदार पटेल ने अनुनय विनय के साथ शक्ति दिखाई और दोनों रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भारत से युद्ध में नहीं जीत सकता इसलिए भारत की अखंडता को चुनौती दे रहा है।

मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, "आज राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर मैं देश के सामने मौजूद इस चुनौती को हर नागरिक को याद दिला रहा हूं। जो हमारे साथ युद्ध में नहीं जीत सकते, वे हमारी एकता को चुनौती दे रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 144वीं जयंती पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "हालांकि, वे भूल जाते हैं कि सदियों तक इसी तरह के प्रयासों के बावजूद कोई भी हमें मिटा नहीं सका था, हमारी एकता को नहीं हरा सका था।"

भारत के लौह पुरुष की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "सरदार वल्लभभाई पटेल के आशीर्वाद से देश ने कुछ हफ्तों पहले इन ताकतों को हराने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अनुच्छेद 370 ने जम्मू एवं कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं दिया।"

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने 5 अगस्त को संसद के माध्यम से अनुच्छेद 370 को रद्द करते हुए जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया था और प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। 31 अक्टूबर (गुरुवार से) यह निर्णय प्रभाव में आया है।

भारत को एकजुट करने के सरदार पटेल के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मोदी ने यह 'बड़ा फैसला' पटेल को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अगर पटेल को इस मामले से निपटने की अनुमति दी गई होती, तो कश्मीर मुद्दे को हल करने में इतना समय नहीं लगता।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "सरदार पटेल ने एक बार कहा था कि अगर कश्मीर का मुद्दा उनके पास रहता, तो इसे हल करने में इतना समय नहीं लगता। आज उनकी जयंती के मौके पर मैं अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय सरदार साहब को समर्पित करता हूं।"