चंडीगढ़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान में स्थित श्री करतारपुर साहिब को जाने वाले करतारपुर कॉरिडोर का आठ नवंबर को उद्घाटन करेंगे। यह सिखों का सबसे पवित्र स्थान है, जहां पहले गुरू श्री गुरुनानक देव जी ने अपने जीवन के आखिरी 17-18 वर्ष गुजारे थे। अगर आप भी करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने की तैयारी कर रहे हैं तो जानिए कौन-कौन सी जरूरी चीजें हैं जो आपके पास होना चाहिए।

करतारपुर गलियारा पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर में स्थित दरबार साहिब से जोड़ेगा। इस गलियारे से भारतीय सिख यात्री बिना वीजा के सिर्फ परमिट लेकर करतारपुर साहिब जा सकते हैं।

पासपोर्ट होना जरूरी

पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना जरूरी है। हालांकि, वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन श्रद्धालुओं को उन्हें अपनी यात्रा से कम से कम एक महीने पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा।

आसानी से बनेगा पासपोर्ट

ऐसे लोगों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिनके पास पासपोर्ट नहीं है। वे सुविधा केंद्रों या डाकघरों में 1,500 रुपये का शुल्क देकर पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं और पूरी प्रक्रिया एक-दो दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी, जिसके बाद उन्हें अपने पासपोर्ट मिल जाएंगे

लगेगा सेवा शुल्क

करतारपुर कॉरिडोर से गुजरने वाले प्रत्येक भारतीय श्रद्धालु से पाकिस्तान द्वारा 20 डॉलर का सेवा शुल्क लिया जाएगा। श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे के माध्यम से अपनी पाकिस्तान यात्रा के बारे में ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा के लिए 4 अक्टूबर को एक वेबसाइट शुरू की गई है।

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करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालु मत्था टेक सकेंगे। 4.2 किलोमीटर लंबे गलियारे का निर्माण 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित है। यह पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक नगर के पास है।