नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल को अदालत ने एक पुराने मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई है। सजा अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल की अदालत द्वारा सुनाई गई है।

अदालत ने इस मामले में चार अन्य को दोषी करार देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ मामला संदेह से परे प्रतीत होता है।

जिस मामले में सजा सुनाई गई है, वह छह फरवरी, 2015 की रात का है। उस घटना में राम निवास गोयल पर आरोप लगा था कि वह जबरन एक बिल्डर के घर में घुसे थे। अदालत ने बीते शुक्रवार को ही उन्हें इस मामले में दोषी करार दे दिया था।

अदालत ने कहा कि यह ऐसा मामला है, जिसमें सजा सुनाना जरूरी है, ताकि आईंदा इस तरह की घटनाओं को प्रोत्साहन न मिल सके। अदालत ने सजा सुनाने के साथ-साथ एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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अदालत ने दोषियों को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने के साथ-साथ सजा के खिलाफ कोर्ट में अपील करने की इजाजत भी प्रदान कर दी। हालांकि दोषी करार दिए जाने के वक्त राम निवास गोयल के वकील ने आरोपों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि जिस मामले में यह सजा सुनाई गई, वह सन 2015 में दिल्ली के बिल्डर मनीष घई द्वारा दर्ज कराया गया था। मनीष घई ने राम निवास गोयल और उनके कुछ समर्थकों पर घर में जबरन घुसने का आरोप लगाया था।