नई दिल्ली : करतारपुर कॉरिडोर के शुरू होने की तारीख नजदीक आने के साथ साथ पाकिस्तान द्वारा श्रद्धालुओं से शुल्क वसूले जाने का मामला उलझता जा रहा है। भारत ने इसे लेकर पाकिस्तान को अपना रुख नरम करने की सलाह दी है।

बता दें कि पाकिस्तान ने कॉरिडोर को लेकर समझौते का अंतिम मसौदा भारत के पास भेजा है। इसके मुताबिक प्रत्येक भारतीय तीर्थयात्री से 20 डॉलर की फी ली जाएगी। पाकिस्तान इसे एंट्री फी की जगह सर्विस चार्ज कह रहा है। भारत पहले भी इस प्रस्ताव को ठुकरा चुका है। भारत ने उम्मीद जताई कि यात्रा शुरू होने से पहले दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पर कई राउंड की बैठक हुई है। इसमें तीर्थयात्रियों पर लगने वाले फी के अलावा अन्य सभी मुद्दों पर सहमति बन गई है।

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के साथ कई राउंड की बैठक के बाद हम सर्विस फी के अलावा सभी मुद्दों पर सहमति पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान 20 डॉलर (1,420 रुपया) सर्विस चार्ज पर अड़ा हुआ है।' उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि श्रद्धालुओं के हित को देखते हुए वह सर्विस चार्ज नहीं लगाए।

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हालांकि भारत पहले भी इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जता चुका है। दरअसल, सिख श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में हर साल करतारपुर आने को देखते हुए इस्लामाबाद इसे अपनी कमाई का अच्छा मौका मान रहा है।

पाक के अंतिम मसौदे के अनुसार, हर कोई बिना किसी पाबंदी के करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सकता है। भारत को कम से कम 10 दिन पहले श्रद्धालुओं की एक सूची पाकिस्तान को सौंपनी होगी और इस पर वह 4 दिन में जवाब देगा। करतारपुर साहिब जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को जीरो प्वाइंट पर परिवहन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।