जेल में बंद महिला कैदी भी पति का चेहरा देख खोल सकेंगी करवा चौथ व्रत

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मथुरा : करवा चौथ महिलाओं का सबसे बड़ा व्रत होता है, जो वह अपने पति की सलामती और लंबी उम्र के लिए रखती हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जेल में बंद 65 महिला बंदी भी अन्य महिलाओं के समान ही अपने पतियों की दीर्घायु की कामना करते हुए न केवल विधि-विधान से करवा चौथ का व्रत रख सकेंगी, बल्कि परम्परानुसार पति का चेहरा देख कर व्रत भी खोल सकेंगी।

कारागार प्रशासन पतियों की मांग पर उनकी पत्नियों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है। मथुरा जिला कारागार के जेलर अरविंद पाण्डेय ने बुधवार को बताया, "मथुरा जेल में कुल 103 सजायाफ्ता एवं विचाराधीन महिला बंदी निरुद्ध हैं। इनमें से 65 बंदियों ने अपने पतियों की याचना के अनुसार 17 अक्तूबर (गुरुवार) को करवा चौथ का व्रत रखने की सूचना कारावास प्रशासन को दी है। इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है।"

अरविंद पाण्डेय ने बताया, "दरअसल, 65 महिला बंदियों के पतियों ने करवा चौथ के दिन व्रत खोलने के अवसर पर अपनी-अपनी पत्नी से मिलने की इजाजत मांगी थी। इस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए करवा चौथ का व्रत करने वाली महिलाओं के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। वे नियमानुसार शर्तें पूरी करते हुए पति से मिल सकेंगी।"

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जेलर पाण्डेय ने बताया, "महिला बंदियों को करवा चौथ व्रत के लिए मेहंदी, महावर आदि जरूरी सामान भी जेल की मान्य सूची के अनुसार लाने दिया जाएगा तथा एक निश्चित समय पर मिलाई कराई जाएगी।''

जेल अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय ने बताया, "महिला बंदियों को व्रत के लिए उनके पतियों के साथ मिलाई कराकर व्रत खोलने की छूट जरूर दी जाएगी, लेकिन सुरक्षा नियमों में और किसी भी प्रकार की छूट बंदियों अथवा उनसे मिलने के लिए आने वाले पतियों को नहीं दी जाएगी।

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