सचिन ही नहीं इन दो खिलाड़ियों का भी बजता है विदेश में डंका, जानें हैं कौन

दिनेश पटेल ( लेफ्ट) दाएं से रिंकू सिंह - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : कहते हैं कि अगर खुद में विश्वास है और कुछ कर गुजरने की चाहत और हौसला हो तो दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। चाहे आपके रास्ते में तमाम मुसीबत आए , लेकिन वे आपके रास्ते की अड़चन नहीं बन सकती। इसी बात को साबित किया है यूपी के दो अलग-अलग जिलों के छोटे से गांव के रहने वाले दो भारतीय युवाओं ने जो आज दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक अमेरिका में अपने नाम का डंका बजा रहे है।

कौन हैं ये दो युवा भारतीय

इन दो युवा भारतीय का नाम है रिंकु सिंह और दिनेश पटेल जो कि हिंदुस्तान के पहले प्रोफेशनल बेसबाल प्लेयर हैं, जिन्होंने अमेरिका में प्रोफेशनल बेस बाल प्लेयर होने का गौरव प्राप्त किया है। इन दोनों के बारे में सबसे खास बात यह है कि साल 2008 में पिच पर पाइरेट्स को ज्वाइन किया था उससे एक साल पहले थे इन दोनों को बेसबाल का नाम तक नहीं सुना था।दोनों ने दुनिया भर में आधे से भी कम देशों में खेले जाने वाले एक खेल में अपनी अलग पहचान बनाई है।

बेहद ही गरीबी में गुजरा बचपन

सबसे पहले आपको बताते हैं रिंकु सिंह के बारे में जो कि यूपी के भदोही जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाले हैं। रिंकु का जन्म 8 अगस्त 1988 को हुआ था। छोटे से गांव के रहने वाले रिंकू के परिवार में कुल 8 भाई बहन हैं। सबकी परवरिश एक ही कमरे के घर मे हुई है। उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर थे। वहीं दिनेश पटेल लखनऊ के खानपुर के रहने वाले हैं। दिनेश अपनी माता-पिता की इकलौती संतान हैं, लेकिन इन्हें भी गरीबी का काफी सामना करना पड़ा है। दिनेश की फैमिली में गरीबी का आलम यह था कि उनके माता पिता उन्हे पालने तक में असमर्थ थे। इस वजह से दिनेश के पैरेंट्स ने उनकी परवरिश के लिए ने उसे अपनी नानी के पास रहने के लिए कानपुर भेज दिया था। स्कूल के दिनों में रिंकू जेबलीन थ्रो यानी भाला फेंकने का शौक था यही नहीं उन्हे नेशनल स्कूल जेवलिन चैंपियनशिप मे गोल्ड मेडल भी मिला था। वहीं दिनेश पटेल को हॉकी खेलने का शौक था। दिनेश ने भी नेशनल स्कूल हॉकी चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल कर चुके हैं।

ऐसे बदली दोनों की किस्मत

दोनों की किस्मत तब बदली जब जेबी ब्रेनस्टेन बिग टाइम स्पोर्ट्स एजेंट कुछ अच्छे बेस बाल पिचर्स की तलाश में भारत आए। बेसबाल पिचर वह होता है जो बेस बाल में पिच का काम करता है। यहां पिच का तात्पर्य यह है कि जो क्रिकेट में जो काम बॉलर करता है। भारत आए जेबी ब्रेनस्टेन पिचर की तलाश के लिए एक प्रतियोगिता कराई। इस प्रतियोगिता का नाम था मिलियन डॉलर आर्म्स। इस प्रतियोगिता में रिकू सिंह ने पहला स्थान वहीं दिनेश ने दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद स्टेन इन दोनों को अपने साथ अमेरिका ले गए। यहां उन्होंने नामी कोच टॉम हाउस से इन दोनों को कोचिंग दिलवाई। इसके बाद नवंबर 2008 को पिच पर पाइरेट्स ने अपनी टीम के लिए साइन किया। इसके बाद दोनों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते चले गए।

दोनों की कहानी पर हॉलीवुड में बन चुकी है फिल्म

रिंकू और दिनेश की इस कहानी पर हॉलीवुड में फिल्म भी बनी है। इस फिल्म का भी नाम मिलियन डॉलर आर्म्स था। इस फिल्म में दोनों खिलाड़ियों का रोल सूरज शर्मा और मनोहर मित्तल ने किया है जबकि जेबी ब्रेनस्टेन का रोल जान हैम ने किया है।

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