बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तीर्थ यात्रा पर आए एक परिवार की चार महिलाओं और तीन बच्चों को शुक्रवार तड़के एक तेज रफ्तार बस ने रौंद डाला, जिससे सातों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के शिकार लोग सड़क किनारे सो रहे थे, जब बस ने उन्हें कुचल दिया।

इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 श्रद्धालुओं की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सीएम योगी ने जिलाधिकारी प्रत्येक के परिजन को 2-2 लाख रुपए की राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने मृतकों के परिजन के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की है।

शुरुआती रिपोटरें के अनुसार, पीड़ित हाथरस के थे और गंगा नदी में स्नान करने के बाद नरौरा घाट से लौटे थे। निजी बस वैष्णो देवी से तीर्थयात्रियों के साथ लौट रही थी। पुलिस ने कहा कि दुर्घटना के बाद बस का चालक फरार है।

बताया जा रहा है कि नरोरा में गांधी घाट पर श्मशान घाट के रास्ते के किनारे सो रही चार महिलाओं और तीन बच्चियों की एक यात्री बस की चपेट में आने से मौत हो गई। सभी लोग वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे थे। रात्रि में करीब ढाई बजे बस गांधी घाट पर आकर रुकी।

सुबह गंगास्नान कर वापस लौटने के इरादे से सभी यात्री इधर उधर सो गए जबकि मृतक सभी सातों श्मशान घाट के रास्ते के किनारे सड़क पर चटाई डाल कर लेट गए थे।

एसडीएम संजय कुमार, सीओ विक्रम सिंह व नरोरा आसपास थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई है। परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है। मृतकों में सभी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

एक ही परिवार के सभी मृतक

बताया जा रहा है कि हादसा एक निजी बस के अनियंत्रित होने से हुआ। जानकारी के मुताबिक ये सभी लोग हाथरस जिले से तीर्थ यात्रा पर निकले हुए थे। गुरुवार शाम वो सभी गंगा स्नान के बाद सड़क किनारे सो रहे थे। मृतक सभी लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। मृतकों के परिजनों को इस हादसे की सूचना दे दी गई है। हादसे के बाद से आरोपी बस ड्राइवर फरार है। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है।