मुंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ों के कटाई को लेकर मचा बवाल, सड़कों पर उतरे लोग, 60 हिरासत में

प्रदर्शनकरी  - Sakshi Samachar

मुंबई : शुक्रवार की सुबह बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से आरे कॉलोनी में मेट्रो कारशेड बनाने के लिए 2702 पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने के बाद शुक्रवार रात 8 बजे से ही पेड़ों को काटना शुरू कर दिया गया। इसके खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों ने आरे कॉलोनी पहुंचकर विरोध करना शुरू कर दिया है।

मुंबई पुलिस ने हालात को देखते हुए मुंबई के आरे जंगलों में मेट्रो-रेल परियोजना स्थल के पास के क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि शुक्रवार रात से ही 38 प्रदर्शनकारियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी को भी हिरासत में ले लिया गया।


विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा गठबंधन को निशाना साधते हुए कहा कि वे पेड़ों को बचाने में विफल रहे हैं। वहीं, गिरफ्तार किए गए कम से कम 38 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ धारा 353, 332, 143 और 149 के तहत मामला दर्ज किया गया है।


पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार बीएमसी ने पेड़ों को काटने के लिए मिली अनुमति को अपने वेबसाइट पर नहीं डाला है और कानून के अनुसार वेबसाइट पर अनुमति की कॉपी को डालने के 15 दिनों के बाद पेड़ काटे जा सकते हैं।

पेड़ काटने के खिलाफ जहां लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री दिया मिर्ज़ा और नेता जिग्नेश मेवानी ने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाई।

कटाई का विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि जिन 2600 से अधिक पेड़ों को काटा जाना है, उनमें से 200 पेड़ शुक्रवार को काट डाले गये।


प्रस्तावित कार शेड स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं, क्योंकि शुक्रवार देर रात सैकड़ों लोग पेड़ों को काटने से रोकने के लिए पहुंच गये थे। कई ट्वीट कर इस मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस सरकार और बृहन्मुम्बई महानगरपालिका की निंदा भी की गयी है।

आम आदमी पार्टी की नेता प्रीति मेनन शर्मा ने कहा कि, 21 अक्टूबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के बीच पेड़ काटना चुनाव संहिता का उल्लंघन है।

वहीं शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने भी जंगलों को काटे जाने का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 'केंद्र सरकार के जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अस्तित्व में आने या प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है, जब मुंबई मेट्रो के तृतीय परियोजना के तहत आरे कॉलोनी के आसपास के क्षेत्र को नष्ट किया जा रहा है। मेट्रो द्वारा इसे अहंकार की लड़ाई बनाना केंद्र सरकार के उद्देश्य को नष्ट कर रही है।

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