नई दिल्ली ; पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह 87 साल के हो गए हैं। बतौर पीएम मनमोहन सिंह अपना दो कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। हलांकि वे अब केवल राज्यसभा सांसद हैं। पीएम मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर के दिन 1932 में अविभाजित भारत (गाह पंजाब, अब पाकिस्तान) में सिख परिवार में हुआ था। मनमोहन के जन्म के कुछ सालों तक तो उन्हें अपनी मां से काफी प्यार मिला, लेकिन शायद नियति को यह रास नहीं आया और किशोरावस्था में उनकी मां अमृत कौर मौत हो गई। बाद वे उन्हें उनकी दादी ने पाला।

बंटवारे के बाद परिवार अमृतसर आ गया और मनमोहन हिंदू कॉलेज में पढ़ने लगे। मनमोहन को सबसे काबिल और पढ़े-लिखे भारतीय राजनीतिज्ञ के तौर पर यूं ही नहीं पहचाना जाता। ऐसी तमाम बातें हैं, जो मनमोहन की जिंदगी से जुड़ी हैं, तो आइए जानते हैं उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ अहम बातें।

स्कूल जाने के लिए करते थे मीलों का सफर

मनमोहन को शुरू से पढ़ने का शौक था। जो भी जहां भी मिलता, वे सीखने की कोशिश करते थे। सीखने की उनकी चाहत इस कदर थी कि वह जगह, समय औऱ सीमाएं तक भूल जाते थे। गांव में रहते हुए मनमोहन रोजाना मीलों का पैदल सफर कर स्कूल जाते थे

इसे भी पढ़ें पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की SPG सुरक्षा हटाई गई, अब CRPF की सुरक्षा में रहेंगे

क्या था पीएम मनमोहन के लंबे बालों का राज

मनमोहन सिंह ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई की है। इस दौरान पीएम मनमोहन की गिनती काफी शर्मिले लड़के के रूप में होती थी। उनको लेकर यह भी बात सामने आ चुकी है कि अंतरमुखी स्वभाव के लिए जाने जाने वाले मनमोहन अक्सर ठंडे पानी से नहाते थे और यही मनमोहन के लंबे बालों का राज भी था।

बराक ओबामा और पीएम मनमोहन सिंह।
बराक ओबामा और पीएम मनमोहन सिंह।

जब मनमोहन के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने तोड़ा था प्रोटोकॉ

मनमोहन किसी भी पद पर रहे हों, विरोधी हमेशा उनका सम्मान करते थे । पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तो मनमोहन के लिए व्हाइट हाउस का प्रोटोकॉल तक तोड़ दिया था। साल 2014 में पीएम बनते ही नरेंद्र मोदी ने शपथ के अगले दिन ही उनसे मुलाकात की थी। मनमोहन की छवि एक ऐसे अर्थशास्त्री राजनेता की रही है, जो न चाहते हुए भी विवादों में रहे।

पीएम मनमोहन की हैं तीन बेटियां

मनमोहन की शादी गुरचरण कौर से हुई। दोनों की तीन बेटियां हैं। इनमें सबसे पहले नंबर पर उपेंदर सिंह, अमृत सिंह और दमन सिंह। उपेंदर दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में इतिहास की प्रोफेसर हैं। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। जबकि अमृत अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन में स्टाफ अटार्नी हैं। दमन भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं और उन्होंने हाल ही में मनमोहन सिंह पर किताब लिखी है।

वित्त मंत्री बने, तो सब चौंक गए

1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव ने मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री बनाकर देश ही नहीं, दुनिया को चौंका दिया था। यही मनमोहन के राजनीति में प्रवेश का दरवाजा बना। उस वक्त दुनिया भर में आर्थिक मंदी का दौर था पर मनमोहन की नीतियों के चलते भारत पर इसका असर तक नहीं पड़ा और यहीं से उनकी पहचान अर्थशास्त्री राजनीतिज्ञ के तौर पर बन गई।