आर्मी चीफ बोले- बालाकोट में दोबारा एक्टिव हुए टेरर कैंप, घुसपैठ की फिराक में हैं 500 आतंकी

बिपिन रावत - Sakshi Samachar

चेन्नई : आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के करीब 6 महीने बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों के शिविर दोबारा एक्टिव हो गए हैं। जैश-ए-मोहम्मद समेत अन्य आतंकी संगठनों ने दहशतगर्दों को यहां ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है। करीब 500 आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए तैयार हैं।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यहां सोमवार को कहा कि कश्मीर घाटी में कोई कठोर नीति नहीं अपनाई गई है। आतंकवादी लोगों के बीच भय पैदा करने के लिए इसे एक मोहरा के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। रावत ने कहा कि आतंकवादियों और उनके संचालकों के बीच संपर्क लाइनें टूट गई हैं, जबकि स्थानीय लोगों के बीच काफी कनेक्टिविटी है।

जनरल रावत ने कहा, "अगर आप जमीनी स्थिति को देखें, तो हत्याएं कम हुई हैं और हिंसा कम हुई है। आतंकवादियों को दूर रखा गया है। हम धीरे-धीरे लोगों पर से दबाव को कम करना शुरू कर देंगे। लेकिन मैं आपको एक बात बता दूं कि लोगों पर कोई कठोर नीति नहीं थोपी गई है।"

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सेना प्रमुख के अनुसार, घाटी में व्यापार और व्यवसाय पूरी तरह से चल रहे हैं, हालांकि स्थानीय दुकानदारों ने अभी अपनी दुकानों के शटर नहीं खोले हैं।

उन्होंने कहा, "श्रीनगर में ईंटभट्टे चालू हैं। लोग उनमें काम कर रहे हैं। लोग झेलम नदी से नावों पर रेत इकट्ठा कर रहे हैं। बागों में काफी सेब इकट्ठा किए जा रहे हैं, बक्सों में पैक किए जा रहे हैं और ट्रकों पर लादे जा रहे हैं। सैकड़ों ट्रक चल रहे हैं। हालांकि, दुकानें पीछे से खुल रही हैं, जबकि उनके सामने के शटर बंद रखे जा रहे हैं। हवाईअड्डे से उड़ानें चालू हैं। इसका मतलब है कि टैक्सियां भी चल रही हैं, जिससे लोग हवाईअड्डे तक पहुंच रहे हैं। प्रतिबंध आतंकवादियों द्वारा लोगों को डराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक मोहरा है।"

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