मेरठ : नया मोटर व्हीकल अधिनियम लागू होने के बाद रोज नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। एक नया मामला मेरठ में देखने को मिला है। तेजगढ़ी चौराहे पर बिजली विभाग के जेई सोम प्रकाश गर्ग बिना हेलमेट लगाए स्कूटी से जा रहे थे। रास्ते में चौराहे पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल ने उन्हें रोका और गाड़ी के कागज दिखाने को कहा।

उस समय जेई के पास पूरे कागज नहीं थे। ऐसे में उनका चालान कट गया। कथित तौर पर इससे नाराज बिजली कर्मचारी ने थाने और चौकी की बिजली कटवा दी। अफसरों के निर्देश पर कई घंटे बाद थाने की बिजली जोड़ी गई।

इस दौरान जेई और हेड कन्स्टेबल में सड़क पर जमकर बहसबाजी हुई। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जेई यह कहते नजर आ रहे हैं कि "पुलिस कौन से नियम का पालन करती है। पुलिस चौकी और थाने पर लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया है।" इसके बाद जेई ने फोन कर लाइनमैन को बुला लिया। पहले तेजगढ़ी चौकी और फिर मेडिकल थाने की बिजली काट दी गई।

चालान काटने वाले हेड कांस्टेबल राजेश कुमार का कहना है, "जेई सोमप्रकाश गर्ग शराब के नशे में थे। ऊंची आवाज में बोलने के साथ उन्होंने धमकी दी थी। प्रदूषण जांच और हेलमेट न होने पर चालान काटा गया था।"

वहीं जेई सोमप्रकाश का कहना है, "सिर में एलर्जी के चलते उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। नशे की बात गलत है। तेजगढ़ी चौकी पर मीटर नहीं है, चोरी से बिजली चला रहे हैं। मेडिकल थाने पर 1.67 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। मेडिकल थाने के भुगतान की बात कहने पर वहां की बिजली जुड़वा दी गई है, मगर चौकी की बिजली नहीं जोड़ी है।"

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इस पूरे मामले पर अधीक्षण अभियंता ए.के. पाठक ने कहा, "जेई ने बकाया बिल होने पर मेडिकल थाने और तेजगढ़ी चौकी की बिजली कटवा दी थी। उच्च अधिकारियों से बातचीत और बकाया जमा करने के आश्वासन पर कनेक्शन दोबारा जुड़वा दिया गया। चालान काटे जाने के विरोध में बिजली काटने की जांच कराई जाएगी।"