राजस्थान कांग्रेस पार्टी में जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपनी अनुमति के बगैर बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों को कांग्रेस पार्टी में शामिल किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट नाराज चल रहे हैं।

इस बीच, बसपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वाले विधायकों ने भी साफ कहा है कि उनके नेता अशोक गहलोत हैं और वे किसी अन्य को अपना नेता नहीं मानते। कांग्रेस में शामिल हुए राजेंद्र गुढ़ा झुंझुनु जिले के उदयपुरवाटी विधानसभा सीट से बसपा की टिकट पर चुनाव जीता था। उनका कहना है कि वह केवल अशोक गहलोत का चेहरा देखकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं और किसी दूसरे नेता के कहने पर उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन नहीं कियाहै।

मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में है मंत्री बनाना

बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को कैबिनेट में जगह देने को लेकर सचिन पायलट की ओर से व्यक्त हो रहे विरोध का जिक्र करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि मंत्री किसे बनाना है और किसी नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार मुख्यमंत्रीका होता है। इसलिए दूसरों को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं होता।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट बार-बार बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ने नैतिकता की मिसाल पेश की है और बिना किसी स्वार्थ और इच्छा के कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं। गुढ़ा ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि नैतिकता वह होती है कि कांग्रेस पार्टी के हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

पायलट की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि वह राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं और उन्हें मीडिया से पता चला कि बहुजन समाज पार्टी के विधायक कांग्रेस के विधायक बन गए हैं। सचिन पायलट का कहना है कि मंत्रिमंडल का विस्तार होता है या राजनीतिक नियुक्तियां होती हैं तो उसमें पार्टी की जीत के लिए खून-पसीना बहाने वाले कांग्रेस के नेताओं को जगह मिलना चाहिए।

सचिन पायलट से भेंट जरूरी नहीं समझा

कांग्रेस में शामिल हुए बसपा के छह विधायकों में अभी तक किस ने भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलय से भेंट तक नहीं की है। जब विधायकों से इसकी वजह जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि हमने जरूरी नहीं समझा। बसपा का एक विधायक विदेश दौरे पर होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उक्त विधायक के वापस लौटने के बाद सभी मिलकर सचिन पायलट से मिलेंगे।

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बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने की खबर पार्टी संगठन को नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर एक विधायक ने कहा कि अशोक गहलोत काफी समय से उनके संपर्क में थे और इस बाबत अशोक गहलोत और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच चर्चा होती रही।

बहुजन समाज पार्टी छोड़ने के सवाल पर गुढ़ा ने कहा कि हमने पहले भी कहा है कि वहां पर टिकट बिकता है, अभी भी मायावती के जन्मदिन के दिन हमसे कहा गया था कि सभी 200 विधानसभा से 7-7 लाख रुपये इकट्ठा करके लखनऊ भेजने हैं. इतना ज्यादा भ्रष्टाचार हम बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे।

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