नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने कथित पोंजी घोटाले मामले में मनी लांड्रिंग जांच के तहत तेलंगाना स्थित बहुस्तरीय विपणन कंपनी समूह की 278 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

ईडी की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत जारी एक अस्थाई आदेश में ईबिज डॉट कॉम प्रा. लि. के प्रवर्तकों पवन माल्हन और अनिता माल्हन, उनके पारिवारिक सदस्यों और सहयोगियों के बैंक खातों, उनके दिल्ली, नोएडा स्थित आवासीय भूखंडों, अपार्टमेंट, फार्म हाउस और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को कुर्क कर लिया गया है।

एजेंसी के मुताबिक वर्तमान में पवन माल्हन और उनका पुत्र हितिक मामले में तेलंगाना पुलिस की हिरासत में हैं। विज्ञप्ति के अनुसार कुर्क की गई संपत्ति का कुल मूल्य 277.97 करोड़ रुपये है। संपत्ति में 34.60 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 29 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी निदेशकों के नाम पर और कंपनी के नाम पर 124 बैंक खातों में रखी गई 242.25 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।

ईडी ने कहा कि कंपनी और उसके प्रवर्तकों ने धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से 12 लाख अंशधारकों से 1,064 करोड़ रुपये की राशि जुटाई। एजेंसी ने कहा कि कंपनी के निदेशकों ने आम जनता को झूठे वादों का झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी की। उन्होंने कंपनी की पिरामिड आकार की योजनाओं में निवेश कर तुरंत ऊंची कमाई होने और आसानी से धन प्राप्त होने का झांसा देकर लोगों के साथ धोखाधड़ी की।

लोगों को लुभाने के लिये उन्होंने मुफ्त कंप्यूटर, शिक्षा पैकेज, सूट का कपड़ा आदि की पेशकश भी की। जांच के दौरान पता चला कि भोले भाले निवेशकों से धोखाधड़ी के साथ पैसा जुटाया गया। उन्हें बताया गया कि उनका पैसा योजना में सदस्यता के लिये लिया गया है। इसके लिये उन्होंने देशभर में अपने एजेंट की पूरी श्रंखला के जरिये काम किया।

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एजेंसी का आरोप है कि इस प्रकार जुटाये गये धन को कंपनी ने अवैध रूप से उसके निदेशकों, उनके पारिवारिक सदस्यों और अन्य सहयोगियों के व्यक्तिगत बैंक खातों में डाल दिया। यह धन उनके खातों में लाभांश, ऊंचे वेतन और प्रोत्साहन राशि के रूप में डाला गया। केन्द्रीय एजेंसी ने मामले में तेलंगाना पुलिस की एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया है।