जयपुर : आंध्र प्रदेश में वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने लोगों को नौकरी देने का एक ऐसा फार्मूला अपनाया है जिसका असर अब दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। दक्षिण भारत से शुरू हुई इस पहल को पश्चिमी राज्य राजस्थान में भी अपनाने की तैयारी कांग्रेस पार्टी की अशोक गहलोत सरकार करने जा रही है।

राजस्थान कौशल व आजीविका विकास निगम के प्रबंध निदेशक डॉ.समित शर्मा ने कहा, "यह विचार शुरुआती चरण में है। निजी नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए आने वाले दिनों में विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तार से चर्चा होगी।"

कहा जा रहा है कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार अब आंध्र प्रदेश की तर्ज पर राज्य में प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण मुहैया कराने की दिशा में बढ़ रही है। अगले कुछ समय में इस बात को लेकर व्यापक विचार-विमर्श और चर्चा होनी बाकी है। अगर ऐसा हुआ तो अन्य राज्य भी अपने राज्यों में इस तरह के फार्मूले को लागू कर सकते हैं जिससे स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके और लोग नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की तरफ रुख न करें।

कमलनाथ सरकार भी कर रही तैयारी

समित शर्मा ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में निजी नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देते हुए एक विधेयक पारित किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कहा था कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करने के लिए एक कानून तैयार कर रही है।

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निगम के साथ-साथ भारतीय उद्योग परिसंघ CII), उद्योग विभाग और श्रम विभाग आदि इस मुद्दे पर अपने विचार रखेंगे। इस बारे में एक मंथन सत्र 19 सितंबर को होना था जिसे अपरिहार्य कारणों से टाल दिया गया है।