नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश समेत देश के 13 राज्यों में सोमवार को भारी बारिश की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

वहीं मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों, सिक्किम, अंडमान निकोबार और मेघालय में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है जबकि मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, बिहार, गुजरात, आंध्र प्रदेश के कई, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दूसरी तरफ मध्य प्रदेश और राजस्थान में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन पश्चिमी हिस्से में मानसून अब भी पूरी तरह सक्रिय है। इसके चलते इंदौर, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा और अलीराजपुर समेत 10 जिलो में सोमवार सुबह भी भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल समेत 32 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।

इस साल उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं हरियाणा में अभी तक 41 फीसदी और बिहार में सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश हुई है।

मध्य प्रदेश में बारिश

मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिलों में कई दिन से चल रही भारी बारिश के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। जलभराव के कारण दोनों जिलों में रविवार को करीब 16 हजार लोगों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है। भारतीय मौसम विभाग ने दोनों पड़ोसी जिलों में सोमवार सुबह तक और ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया है।

मंदसौर के पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने फोन पर बताया कि करीब 100 से 125 गांवों के 13 से 14 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें से कुछ गांव पूरी तरह खाली हो गए हैं, जबकि अन्य में अब भी कुछ लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा, बचाव अभियान पूरे जोर से चल रहा है। हम हालात पर करीब से नजर रखे हुए हैं।

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गांधी सागर बांध प्रोजेक्ट के एसडीओ एनपी देव ने बताया कि भारी बारिश के बाद बांध के 19 दरवाजे खोलने पड़े थे, जिनसे करीब 4.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यही पानी निचले क्षेत्रों और राजस्थान सीमा से लगे नीमच जिले के विभिन्न हिस्सों में भर गया है।

उत्तर प्रदेश में बारिश

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और कानपुर, हरिद्वार के बैराज के अलावा नरौरा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण पूर्वांचल में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को बलिया और गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई।

वाराणसी में जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर लाल निशान की ओर बढ़ रहा है। बलिया में एक स्कूल, पानी की टंकी और कई घर नदी में समा गए। प्रशासन के मुताबिक गाजीपुर में 12 सौ गांवों में गंगा का पानी घुस गया है। नदी किनारे के गांवों से लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर और भदोही में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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बलिया में लाल निशान से 1.27 मीटर ऊपर बह रही गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। रविवार को नदी का जलस्तर 58.880 मीटर दर्ज किया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघरछपरा का भवन और केहरपुर में पानी की टंकी और अन्य गांवों में 12 से ज्यादा मकान ढह गए।

गाजीपुर में भी गंगा ने खतरे के निशान 63.105 मीटर को पार कर लिया है। यहां शाम को जलस्तर 63.250 मीटर तक पहुंच गया था। भदोही में देर शाम जलस्तर 78.840 मीटर पर था। यहां जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। मिर्जापुर में जलस्तर 76.520 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। चंदौली में गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर गई।

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प्रशासन ने तटवर्ती लोगों को अलर्ट करने के साथ ही साथ पीएससी, पुलिस व एनडीआरएफ के जवानों को अलर्ट कर दिया है। यहां वरुणा भी उफान पर है। घरों में पानी घुस गया है।

उत्तराखंड के हालात

मौसम विज्ञान ने 16 सितंबर को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिला प्रशासन ने चेतावनी को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है।