नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद चारों खाने चित हुआ पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसके साथ ही वे तमाम आतंकी संगठन परेशान हैं, जो पाकिस्तान की धरती से दहशतगर्दी को अंजाम दे रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद ने एक पत्र के जरिए भारत में हमले की धमकी दी है।

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने आगामी 8 अक्टूबर को हरियाणा के रेवाड़ी रेलवे स्टेशन और उसके पीछे स्थित मंदिर को उड़ाने की धमकी दी है। धमकी भरा पत्र मिलने की पुष्टि पुलिस द्वारा की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पत्र में लिखा है, 'हम अपने जेहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। 8 अक्टूबर को रेवाड़ी रेलवे स्टेशन समेत भारत के कई रेलवे स्टेशन को उड़ा देंगे। हम जेहादी हजारों की संख्या में हिन्दुस्तानियों को तबाह कर देंगे। चारों ओर खून ही खून नजर आएगा।'

सेना ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया कि सितंबर के पहले सप्ताह में, पाकिस्तान ने अपने इलाके में एलओसी से 30 किलोमीटर दूर एक ब्रिगेड-साइज फौज को भेजा था। पाकिस्तान में पीओके के सामने बाग और कोटली सेक्टर में लगभग 2,000 जवानों को तैनात किया गया है।

सुरक्षा सूत्रों ने आकलन किया है कि पिछले एक महीने में कम से कम 40 से 50 प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में पार कर चुके हैं। यह भी अनुमान है कि लगभग 200 से 250 प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में प्रवेश करने के लिए विशेष रूप से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों ने एलओसी के किनारे आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय कर दिए हैं।

यह भी पढ़ें :

जम्मू-कश्मीर में बड़ी साजिश नाकाम, AK-47 के साथ 3 आतंकी गिरफ्तार

डोभाल बोले- कश्मीर में 370 हटने से सिर्फ उपद्रवी नाखुश, साजिश रच रहा पाकिस्तान

दूसरी तरफ भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बढ़ते आक्रामक रुख और युद्ध के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष खतरों के मद्देनजर एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा 6 अगस्त को खत्म कर दिए जाने के बाद सीमापार से युद्ध की अप्रत्यक्ष धमकियां मिलती रही हैं। अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।

सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने शनिवार को एलओसी पर पाकिस्तान से सैन्य हमले के खतरे के मद्देनजर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इससे पहले, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नियंत्रण रेखा पर भारत की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए घाटी का दौरा किया था।