2 अक्टूबर 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जाएगी और सरकार इस बार महात्मा गांधी जयंती को धूमधाम से मनाने की तैयारी भी कर रही है। महात्मा गांधी ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन में भारत के अलावा अन्य देशों का भी दौरा किया था। परंतु हम आपको महात्मा गांधी से जुड़ी कुछ खास जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां जाने पर आपको महात्मा गांधी के जीवन को करीब से जानने में जरूर मदद मिलेगी।

महात्मा गांधी का मकान 
महात्मा गांधी का मकान 

परबंदर : गुजरात के इसी शहर में महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था। महात्मा गांधी का बचपन यहं गुजरने की वजह से उनसे जुड़ी कई वस्तुएं यहां आज भी मौजूद हैं। पोरबंदर में उनका पैतृक मकान के अलावा मशहूर कीर्ति मंदिर भी है। पोरबंदर न केवल महात्मा गांधी का जन्मस्थान है बल्कि यहां बीच और कई और टूरिस्ट प्लेसेज हैं, जो बापू की महानता बयां करने के साथ ही उनके जीवन के करीब ले जाने में बड़े रोल निभाते हैं।

साबरमती आश्रण
साबरमती आश्रण

अहमदाबाद : यह एक ऐसा शहर है जिससे महात्मा गांधी को काफी जुड़ाव रहा है। अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे स्थित गांधी जी का आश्रम बना है। इस आश्रम को साबरमती आश्रम के नाम से भी पुकारते हैं। यहां पर महात्‍मा गांधी जी और उनकी पत्‍नी कस्‍तूरबा गांधी ने करीब 12 साल गुजारे थे। यही कारण है कि गांधी जी को साबरमती संत नाम से भी बुलाते हैं। यहां पर मगन निवास, उपासना मंदिर हृदयकुंज, सोमनाथ छात्रालय, नंदिनी, उद्योग मंदिर जैसे कई स्‍थलों पर घूमने का एक अलग ही मजा है।

डांडी मार्च 
डांडी मार्च 

दांडी : गुजरात का यह गांव भी राष्‍ट्रपि‍ता महात्‍मा गांधी जी के जीवन काल को बयां करने वाले मुख्‍य स्‍थानों में से एक है। आज दांडी अरब सागर के तट पर स्थित गुजरात राज्‍य का छोटा सा गांव है। गांधी जी द्वारा 12 मार्च को, 1930 को चलाई गई नमक सत्याग्रह परिणति का इस स्‍थान से सीधा जुड़ाव है। गांधी जी ने साबरमती से दांडी तक की करीब 268 किलोमीटर की यात्रा की थी। इस यात्रा को गांधी ने करीब 24 दिनों में पूरा किया गया। आज भी यहां पर बड़ी संख्‍या इतिहास प्रेमी आते हैं।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ

बनारस : राष्ट्रपिता और वाराणसी का भी गहरा संबंध है। यहां पर गांधी जी के इतिहास को बयां करने वाले कई स्‍थान है। देश में असहयोग आन्दोलन चल रहा था उस समय वाराणसी में गांधी जी ने 1921 में काशी विद्यापीठ की आधारशिला रखी थी। इसका उद्देश्‍य छात्रों को शि‍क्षि‍त करने के साथ ही उनमें राष्ट्रीय भावना जागृत करना था।

गांधी स्मृति 
गांधी स्मृति 

दिल्ली : देश की राजधानी दि‍ल्‍ली में भी गांधी स्‍मृति वाले स्‍थानो में से एक है। यहां गांधी जी को करीब से जानने के लि‍ए कई बड़े स्‍थल है। यहां पर बिरला हाउस के रूप महात्मा गांधी को समर्पित एक ऐतिहासिक संग्रहालय है। इसके अलावा यहां का सुप्रसिद्ध स्थल राजघाट भी गांधी जी को समर्पित है। इसी संग्रहालय में गांधी जी ने अपने जीवन के अंतिम दौर के करीब 144 दिन बिताए थे।