तिहाड़ में चिदंबरम : जानिए कैसे कटी पहली रात, क्या मिला खाने में

पुलिस वैन में पी. चिदंबरम - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम तिहाड़ जेल में बैरक नंबर सात में बंद हैं। तिहाड़ की पहली रात चिदंबरम के लिए बेहद कठिन रही। उन्हें रात के खाने में रोटी, दाल और चावल दिया गया। खाने के बाद भी उनकी बेचैनी कम नहीं हुई। हालांकि कोर्ट ने उन्हें विशेष सुविधाएं दे रखी है।

कोर्ट से पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने अपील की थी कि चिदंबरम को जेड सिक्योरिटी मिली है, ऐसे में उनकी सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जाए। कोर्ट ने इस बात को स्वीकार करते हुए उन्हें अलग बैरक में रखने का आदेश दिया, जिसमें वेस्टर्न टॉयलेट, चश्मा, दवाएं, सुरक्षा का विशेष व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा कोई विशेष सुविधा नहीं मिलेगी। अन्य कैदियों की तरह वह जेल के पुस्तकालय का उपयोग कर सकेंगे और एक निश्चित अवधि तक टीवी देख सकते हैं। आवश्यक मेडिकल जांच के बाद चिदंबरम को जेल नंबर सात में रखा गया है। आम तौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामलों में आरोपियों को इसी जेल में रखा जाता है। उनके पुत्र कार्ति को भी पिछले साल इसी मामले में उसी कोठरी में 12 दिनों तक रखा गया था।

सूत्रों ने बताया कि जेल में उन्होंने हल्का भोजन किया और दवाईयां लीं। अगस्तावेस्टलैंड और बैंक धोखाधड़ी मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी भी इसी जेल में कैद हैं। जेल के एक अधिकारी ने कहा कि आम तौर पर रात का खाना सात से आठ बजे के बीच कैदियों को दे दिया जाता है लेकिन यह उन लोगों के लिए अलग रखा जाता है जो अदालती प्रक्रियाओं के कारण देर से पहुंचते हैं।

सामान्यतया रात के खाने में रोटियां, दाल, सब्जी और चावल होता है। उन्होंने बताया कि चिदंबरम को कोठरी में रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रखा जाएगा। सुबह सात से आठ बजे के बीच नाश्ता दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि वह या तो आरओ मशीन से पानी पी सकते हैं या कैंटीन से पानी की बोतल खरीद सकते हैं।

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संप्रग सरकार में गृह मंत्री रहे चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेजा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को उच्च सुरक्षा के बीच राउज एवेन्यू अदालत से एशिया की सबसे बड़ी जेल में लाया गया।

जेल अधिकारियों को चिदंबरम को अदालत से जेल लाने में लगभग 35 मिनट लगे। चिदंबरम को जेल लाए जाने के दौरान मीडिया ने वैन का पीछा किया जिसके बाद जेल अधिकारियों ने कागजों से उनका चेहरा छिपाने का प्रयास किया। उन्हें जेल के गेट नंबर चार से अंदर ले जाया गया।

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