नई दिल्ली : गृह मंत्रालय ने असम के लिए एनआरसी की फाइनल सूची जारी कर दी है। इसमें 3 करोड़ 11 लाख लोगों को शामिल किया , जबकि 19 लाख लोगों के नाम नहीं है। जिनके नाम शामिल नहीं है उनको एक और मौका दिया जाएगा। सूची में 3,11,21,004 लोगों को भारतीय नागरिक बताया गया है। एनआरसी लिस्ट को लेकर पूरे असम में धारा 144 लागू है।

सरकार ने शुक्रवार को असम के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी। राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अंतिम सूची के प्रकाशन से एक दिन पहले यह कदम उठाया गया है। असम-मेघालय कैडर के 1985-बैच के आईपीएस अधिकारी, प्रसिद्ध लघु कथाकार और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित सैकिया शनिवार को सेवानिवृत्त होने वाले थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सार्वजनिक हित के एक विशेष मामले के रूप में सैकिया को तीन महीने की अवधि के लिए सेवा विस्तार दिये जाने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। असम सरकार ने उन्हें अप्रैल 2018 में राज्य का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया था।

NRC में जगह पाने वालों का बनेगा आधार

मसौदा एनआरसी में जिन लोगों का नाम शामिल नहीं था लेकिन शनिवार को प्रकाशित होने वाली अंतिम एनआरसी सूची में उन्हें जगह मिल गयी है तो उनके आधार कार्ड जारी किये जाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एनआरसी अधिकारियों ने 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित मसौदा एनआरसी में जगह नहीं बना पाए ऐसे 36 लाख लोगों का बायोमीट्रिक डाटा लिया है जिन्होंने भारतीय नागरिकता का दावा किया था। इस बायोमीट्रिक डाटा की वजह से आधार कार्ड बनाना संभव हो सकेगा।

राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) में अंतिम रूप से अपना नाम नहीं जुड़वा पाने वाले लोग अगर कानूनी प्रक्रिया के पालन के बाद भी अपनी भारतीय नागरिकता सिद्ध नहीं कर पाते हैं तो वे देश में कहीं से भी अपना आधार कार्ड नहीं बनवा सकेंगे क्योंकि उनके बायोमीट्रिक्स के आगे निशान बना होगा।

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गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'एनआरसी दावों की प्रक्रिया के दौरान लिये गए बायोमीट्रिक डाटा यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों ने अंतिम एनआरसी में जगह बना ली है वे आधार पाएं और जो अपनी भारतीय नागरिकता सिद्ध नहीं कर सके वे देश में कहीं इसे न बनवा पाएं।' जब मसौदा एनआरसी प्रकाशित हुई थी तब 40.7 लाख लोगों को इसमें जगह नहीं मिलने पर काफी विवाद हुआ था। इस मसौदे में कुल 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.9 करोड़ के नाम शामिल थे।

असम में सोमवार से 200 अतिरिक्त विदेशी न्यायाधिकरण संचालित होंगे

असम में सोमवार से करीब 200 अतिरिक्त विदेशी न्यायाधिकरण काम करेंगे जहां वो नागरिक अपना पक्ष रख सकते हैं जिनके नाम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अंतिम सूची में नहीं हैं। असम सरकार केंद्र की सहायता से इन विदेशी न्यायाधिकरणों (एफटी) का गठन कर रही है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘फिलहाल 100 विदेशी न्यायाधिकरण काम कर रहे हैं। एक सितंबर से कुल 200 अतिरिक्त विदेशी न्यायाधिकरण पूरे असम में काम करना शुरू कर देंगे।’ शनिवार को असम के नागरिकों की एनआरसी की सूची प्रकाशित होने के बाद न्यायाधिकरणों की जरूरत होगी। जिन लोगों के नाम अंतिम एनआरसी में शामिल नहीं होंगे वे अपना नाम शामिल कराने के लिए इनमें से किसी न्यायाधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। केंद्र सरकार एफटी में अपील के लिए समयावधि 60 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर चुकी है।