चंडीगढ़ : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत इंसां की उम्मीद पर उस वक्त पानी फिर गया, जब जज ने उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज ने दुष्कर्म के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। वह डेरा प्रमुख की सजा के बाद, 25 अगस्त 2017 में हरियाणा के पंचकुला में हुई हिंसा के मामले में जेल में है।

अब इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा ताकि मामले को अन्य पीठ को सौंपा जा सकें। उनके (हनीप्रीत) वकील ने कहा कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और बाद में उनका नाम एफआरआई में दर्ज हुआ।

गुरमीत राम रहीम को दो महिलाओं संग दुष्कर्म के चलते अगस्त 2017 में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। जनवरी में एक विशेष सीबीआई अदालत ने भी गुरमीत राम रहीम सहित तीन और लोगों को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद सिरसा और पंचकुला में हिंसा हुई जिसमें 41 लोग मारे गए और 260 से अधिक घायल हो गए थे।

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जेल में रोता रहा राम रहीम

जेलकर्मियों के मुताबिक, 15 अगस्त को राम रहीम दिन भर रोता रहा। जब अन्य कैदियों ने पूछा तो राम रहीम ने कहा कि उसे हनीप्रीत की याद सता रही है। दरअसल, राम रहीम ने कहा कि रक्षा बंधन के दिन हनीप्रीत उसे राखी बांधा करती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका।