श्रीनगर : राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदेश सचिवालय पर फहराये जाने वाले जम्मू कश्मीर के झंडे को यहां रविवार को हटा लिया गया । इससे तीन हफ्ते पहले केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को वापस ले लिया था ।

यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को अपना झंडा रखने की इजाजत थी जो लाल रंग का था जिस पर खड़ी तीन सफेद पट्टियाँ और एक सफेद हल था। जम्मू कश्मीर के झंडे को तिरंगे झंडे के साथ प्रतिदिन सचिवालय पर फहराया जाता था ।

जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों..जम्मू कश्मीर और लद्दाख... में बांटने वाला कानून प्रभाव में आने के बाद राज्य के झंडे को 31 अक्टूबर को हटाया जाना था । अधिकारियों ने बताया कि यद्यपि रविवार सुबह सचिवालय की इमारत के ऊपर केवल तिरंगा ही फहराया गया। उन्होंने बताया कि राज्य के झंडे को अन्य इमारतों से भी हटाया जाएगा। झंडे को राज्य संविधान सभा द्वारा सात जून 1952 को अपनाया गया था।

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झंडे पर तीन पट्टियां राज्य के तीन क्षेत्रों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का प्रतिनिधित्व करती थीं। केंद्र ने पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त कर दिया था जो कि जम्मू कश्मीर राज्य को निवास और सरकारी नौकरियों के लिए विशेष दर्जा प्रदान करते थे। संसद ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूर किया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का विधेयक भी पारित कर दिया। बाद में नौ अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून, 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी जो कि राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटता है और यह 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएगा। पांच अगस्त को कश्मीर घाटी के विभिन्न हिस्सों में लगी पाबंदियां अभी बरकरार है ।