नई दिल्ली : झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने जदयू के चुनाव चिन्ह 'तीर' को प्रदेश में फ्रीज कर दिया है। आयोग के इस फैसले के बाद जदयू के प्रत्याशियों और चुनाव की दावेदारी पर ग्रहण लग सकता है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने चुनाव आयोग से इसकी मांग की थी।

जेएमएम ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि जदयू और जेएमएम का चुनाव चिह्न एक ही तरह का है, जिससे जनता में भ्रम पैदा होगा। मालूम हो कि जदयू का चुनाव चिन्ह तीर का निशान है और जेएमएम का चुनाव चिन्ह धनुष है।

जेएमएम ने 24 जून को चुनाव आयोग में अर्जी दाखिल की थी। जेएमएम का कहना था कि जदयू का सिंबल उनकी पार्टी से मिलता-जुलता है, इससे मतदाता भ्रमित होगा। जेएमएम ने चुनाव आयोग ने जदयू का सिंबल फ्रीज करने की मांग की थी।

जेएमएम ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है। जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमारे लिए यह एक बड़ी जीत है।

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आपको बता दें कि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में शामिल जदयू झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने जा रही है। सीएम नीतीश कुमार से सलाह-मशविरे के बाद पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने इस बात की घोषणा की थी।

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन 26 अगस्त से झारखंड में सरकार बदलने की आकांक्षा लिए ‘बदलाव यात्रा’ की शुरुआत करने वाले हैं। इस यात्रा को लेकर झामुमो के कार्यकर्ता जहां उत्साहित हैं, वहीं विरोधी इस यात्रा को लेकर निशाना साध रहे हैं।

लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट पर जीत दर्ज करने वाली पार्टी झामुमो के नेता हेमंत सोरेन ने ‘संघर्ष यात्रा’ की थी, लेकिन उन्हें आशातीत सफलता नहीं मिल सकी। ऐसे में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए अच्छा प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती है।