देशभर में बाढ़ और बारिश से ‘त्राहिमाम’, हिमाचल प्रदेश में पांच की मौत 

हिमाचल प्रदेश में बाढ़  - Sakshi Samachar

शिमला : भारी बारिश से एक बार फिर देश के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। हिमाचल, उत्तराखंड, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में जलप्रलय से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जिस कारण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हो रहा है।


हिमाचल प्रदेश में बारिश

हिमाचल में लगातार हो रही भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है। प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे समेत 350 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। मनाली में नेशनल हाईवे बह गया है। जबकि कई जगह सड़कें और पुल बह गए। सड़कें टूटने और बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण सैकड़ों लोग फंस गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।


उफनती ब्यास नदी के किनारे बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलनों के कारण मंडी और कुल्लू शहरों के बीच चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया है।

पांच लोगों की मौत

तेज बारिश से कई लोगों की मौत की भी खबर है। जानकारी के अनुसार, चंबा की बंदला पंचायत में घर की दीवार गिरने से दादा और पोती की मौत हो गई है। कुल्लू में एक शख्स के बहने की खबर है। शिमला में भूस्खलन में पांच लोग दबे हैं। बचाव कार्य जारी है। घुमारवीं में बादल फट गया है। जबकि बिलासपुर में आठ मकान ध्वस्त हो गई हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्यभर में 68 सड़कों पर यातायात बाधित है और चंबा जिले में सबसे अधिक 47 सड़कें बाधित हैं। मंडी-जोगिंदरनगर राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

इसे भी पढ़ें :

केरल सहित कई राज्यों में बाढ़ से हाहाकार, तीन दिनों में 93 की मौत

अगले दो दिनों तक तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

उन्होंने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) के 1,500 मेगावाट के नाथपा झाकरी प्लांट, जो कि किन्नौर जिले में स्थित है और भारत का सबसे बड़ा हाईड्रो प्रोजेक्ट है, उससे अतिरिक्त पानी छोड़ा गया, जिससे सतलुज नदी में बाढ़ आ गई।


बिलासपुर जिले के घुमारवीं में आठ परिवारों और उनके पशुधन को इलाके में बाढ़ के कारण उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस ने कहा कि चंबा जिले में लोना ग्राम पंचायत में हुए भूस्खलन में एक 70 वर्षीय व्यक्ति सहित दो लोग लापता हो गए हैं। चट्टानों से टूटकर गिरे भारी पत्थरों से उनका घर भी टूट गया है।

अधिकारियों ने बताया कि पोंग बांध से 112 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंडोह डायवर्जन बांध से एहतिहात के तौर पर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। बांध से छोड़े गए पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक थी।


पूरे कांगा जिले में बीते दो दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। यहां के मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कही कि, राज्य के अधिकांश स्थानों सहित कांगड़ा और चंबा जिलों में बीते 24 घंटों में बहुत भारी बारिश हुई है। प्रवक्ता ने कहा कि किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में सतलुज, ब्यास और यमुना नदी और उनकी सहायक नदियां फिर से अपने उफान पर हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ स्थानों पर सोमवार तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

Advertisement
Back to Top