नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला अभी भी गिरफ्तार है। महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा जावेद ने एक ऑडियो मैसेज जारी किया है। ऑडियो मैसेज में उसने कहा है कि उसे भी हिरासत में लिया गया और उसे धमकी दी गई कि अगर उसने दोबारा मीडिया से बात की तो इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इल्तिजा ने कहा कि उसने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है।

इल्तिजा ने गृह मंत्री अमित शाह को एक खत लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा, 'आज जब बाकी देश भारत का स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, कश्मीरियों को जानवरों की तरह कैद कर दिया गया और उन्हें बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित किया गया है।'

जिसमें इल्तिजा ने मीडिया से बात करने पर धमकी मिलने का जिक्र किया। इल्तिजा ने कहा कि कश्मीरियों को जानवरों की तरह रखा गया है और बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित किया गया है। मुझे मीडिया से बात करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।

जावेद ने जो वॉयस मैसेज जारी किया है, उसमें कहा गया है, 'मुझे भी हिरासत में लिया गया है और कहा गया है कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि मैंने मीडिया से बात की थी कि इस भयावह कर्फ्यू लगाए जाने के बाद से कश्मीरियों को क्या सहना पड़ा है। मुझे धमकाया गया कि अगर मैंने दोबारा मीडिया से बात की तो इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मेरे साथ अपराधी की तरह बर्ताव किया जा रहा है और मुझ पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिन कश्मीरियों ने आवाज उठाई है, उनके साथ मैं भी जान का खतरा महसूस कर रही हूं।'

आपको बता दें कि राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पास किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉनफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को पुलिस कस्टडी में ले लिया गया था। 4 अगस्त देर रात इन दोनों नेताओं को नजरबंद किया गया था।

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इल्तिजा ने इससे पहले भी व्हाट्सऐप पर अपना बयान जारी करके कहा था, 'दो दिन से उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। यहां ऐसे हालात कर दिए गए हैं कि किसी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। यहां मास हाउसअरेस्ट किया गया है। मैं चाहती हूं कि मीडिया को पता चले कि यहां क्या हो रहा है, चल क्या रहा है? हमारे गृहमंत्री गलत बोल रहे हैं कि फारूक अब्दुल्ला और बाकी नेताओं को नजरबंद नहीं किया गया है। बिल्कुल नजरबंद किया गया है। सज्जाद लोन, इमरान अंसारी, मेरी मां और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लिया गया है।'

इससे पहले जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि हम केंद्र सरकार को ये बताना चाहते हैं कि धारा 370 और अनुच्छेद 35ए से छेड़छाड़ करने के नतीजे बहुत खतरनाक होंगे। वहीं, उमर अब्दुल्ला ने पहले ही नजरबंद होने का दावा कर दिया था।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद वहां की स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है। अब खबर है कि सरकार ने अपनी योजना में बदलाव लाते हुए फैसला लिया है कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर अब श्रीनगर से ही नजर रखी जाएगी।