नोएडा : कहते है कि प्यार अंधा होता है, वो ना जात-पात देखता ना धर्म और ओहदा, वह बस हो जाता है। इस बात को चरितार्थ करता हुआ मामला यूपी के ग्रेटर नोएडा से सामने आया है। यहां एक महिला कान्सटेबल जेल में बंद एक गैंगस्टर को अपना दिल दे बैठती है। गैंग्सटर और लेडी कॉन्सटेबल के बीच प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों जन्म- जन्मांतर के बंधन में बंध गए। पुलिस की मानें तो इस गैंगस्टर पर एक दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं।

कैसे परवान चढ़ा दोनों का प्यार

दरअसल राहुल नाम के गैंगस्टर की प्रेम की कहानी जेल के सलाखों के पीछे शुरू हुई। राहुल एक बिजनेसमैन के मर्डर केस में सजा काट रहा था। यहीं उसकी मुलाकात महिला पुलिसकर्मी से हुई। जेल में ड्यूटी के दौरान ही महिला राहुल के नजदीक आती चली गई। और दोनों बीच प्यार परवान चढ़ने लगा। फिर दोनों में छिप- छिप कर मुलाकातें भी होनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों एक दूसरे के इतना करीब आए कि जेल से रिहा होते ही गैंगस्टर ने अपनी प्रेमिका से शादी भी रचा ली। दोनों की शादी तो हो गई लेकिन शादी के बाद राहुल अपने गांव नहीं जाता। हलांकि उसकी पत्नी अपने ससुराल ठहराना जाती है। गांव वालों की मानें तो दोनों गांव से कहीं दूर एक साथ रहते हैं, गांव में केवल राहुल की पत्नी ही कभी-कभी आती है।

कैसे जुर्म की दुनिया में हुई राहुल की एंट्री

राहुल, अनिल दुजाना गिरोह का शार्प शूटर है। साल 2014 में दनकौर में व्यापारी मनमोहन हत्याकांड के बाद पुलिस ने अनिल दुजाना गिरोह के बदमाशों को गिरफ्तार किया था, इनमें शार्प शूटर राहुल भी था। तब जमीन कब्जे से जुड़े विवाद में व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। बता दें कि हिस्ट्रीशीटर राहुल ठसराना की मां शकुंतला देवी ने साल 2016 में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था।

उस चुनाव में जयप्रकाश उर्फ जगन की पत्नी ने शकुंतला देवी को चुनौती दी थी। राहुल ठसराना की मां एक वोट से ग्राम प्रधान का चुनाव हार गईं थी और जगन की पत्नी चुनाव जीत गई थी। इस हार के बाद से ही ठसराना जगन को अपना दुश्मन मामने लगा था। राहुल ठसराना पहले ऑटो चलाता था। 2008 में जुर्म की दुनिया में उसने कदम रखा। ऑटो चलाने के दौरान उसकी मुलाकात अनिल दुजाना गिरोह के बदमाशों से हुई, जिसके बाद उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।