नई दिल्ली : सेना ने पाकिस्तान के उन आरोपों को ‘‘झूठ और छल'' करार दिया है कि भारतीय सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास नागरिकों को निशाना बनाने के लिए क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया।

सेना के जन सूचना अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपीआई) की कड़ी प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आयी है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और वहां के सैन्य प्रवक्ता आसिफ गफूर ने भारतीय सेना पर नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों को निशाना बनाने के लिए क्लस्टर गोला-बारूद के इस्तेमाल का आरोप लगाया था।

एडीजीपीआई ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि भारत द्वारा क्लस्टर बम दागे जाने का आरोप पाकिस्तान का ‘‘झूठ, धोखेबाजी और छल है।'' बयान में कहा गया कि पाकिस्तान सेना नियमित तौर पर घुसपैठ के जरिए हथियारों के साथ आतंकवादियों को घुसाने का प्रयास करती है। भारत ने सैन्य अभियान के निदेशालय (डीजीएमओ) स्तर की कई वार्ता के दौरान जवाब देने का अधिकार के बारे में बताया है।

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इससे पहले, कुरैशी ने एक ट्वीट में भारतीय सुरक्षा बलों पर क्लस्टर गोला बारूद का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘‘निर्दोष नागरिकों'' को निशाना बनाया गया। उन्होंने कुछ तस्वीरों का एक कोलाज भी पोस्ट किया जिसमें विस्फोट और पट्टी बांधे हुए छोटे बच्चों और वयस्कों की तस्वीरें भी थी।

सेना के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए विस्फोटों की तस्वीरें मोर्टार गोलाबारी की थीं, न कि क्लस्टर बमों के विस्फोट की।