घाटी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती, 10 हजार के बाद और 25 हजार जवान करेंगे निगरानी

सुरक्षाबल के जवान (फाइल फोटो) - Sakshi Samachar

श्रीनगर : केंद्र सरकार लगातार जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाती जा रही है। घाटी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अतिरिक्त 100 कंपनियों की तैनाती के बाद अब 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के आदेश दिए गए हैं।

कश्मीर में सुरक्षाबलों की 280 से अधिक कंपनियां तैनात की जा रही हैं। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि सुरक्षाबलों को शहर के अतिसंवेदनशील इलाकों तथा घाटी की अन्य जगहों पर तैनात किया जा रहा है। इनमें अधिकतर सीआरपीएफ कर्मी हैं।

सूत्रों ने कहा कि इस तरह अचानक 280 से अधिक कंपनियों (25,000 सुरक्षा कर्मियों) को देर शाम तैनात किये जाने का कोई कारण नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि शहर में प्रवेश और बाहर निकलने के सभी रास्तों को केन्द्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों को सौंप दिया गया है।

स्थानीय पुलिस की महज प्रतीकात्मक उपस्थिति है। स्थानीय निवासी घबराए हुए हैं और उन्होंने जरूरी सामान खरीदना शुरू कर दिया है।

महबूबा मुफ्ती ने की आलोचना

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कंपनियों को तैनात करने के केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुये कहा कि यह एक ‘‘राजनीतिक समस्या'' है, जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता है।

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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा ने कहा कि केंद्र को अपनी कश्मीर नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरुस्त करना होगा।

महबूबा ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘घाटी में अतिरिक्त 10,000 सैनिकों को तैनात करने के केंद्र के फैसले ने लोगों में भय पैदा कर दिया है। कश्मीर में सुरक्षा बलों की कोई कमी नहीं है। जम्मू-कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता। भारत सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरूस्त करने की जरूरत है।''

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