नई दिल्ली : सालों से लंबित तीन तलाक का बिल निचली सभा में पारित होने के बाद मंगलवार को राज्यसभा में पारित हो गया। तीन तलाक बिल के पक्ष में 99 वोट पड़े, वहीं विपक्ष में 84 वोट गिरे।

इससे पहले तीन तलाक का बिल निचली सभा में पारित होने के बाद मंगलवार को राज्यसभा में बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव गिरा। सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने को लेकर हुई वोटिंग में 100 वोट जहां नहीं भेजने के पक्ष में पड़े, वहीं भेजने के समर्थन में 84 पड़े। इसका मतलब अब यह बिल सेलेक्ट कमेटी के पास नहीं भेजा जाएगा।

वोटिंग से ठीक पहले तेलंगाना की सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी जद(यू) ने बिल के विरोध में राज्यसभा से वाकआउट कर दिया है। हालांकि रामजेठ मलानी, प्रफुल पटेल और शरद पवार भी सदन में नहीं पहुंचे। पीडीपी भी सदन

इससे पहले सत्तापक्ष भाजपा ने अपने सभी सदस्यों को व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।

अहम बात यह है कि राज्यसभा में भाजपा के पास बहुमत नहीं है। तीन तलाक बिल पास कराने के लिए अब भाजपा को गैर एनडीए और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों पर निर्भर रहना होगा। वैसे सरकार ने बीजू जनता दल, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और वाईएसआर कांग्रेस के समर्थन से पिछले सप्ताह सूचना का अधिकार विधेयक राज्यसभा में पारित कराया था।