भोपाल : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान के 24 घंटे के भीतर कमलनाथ ने भाजपा के दो विधायकों को अपने खेमे में शामिल कर लिया है। इसी के तहत बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में क्रिमिनल लॉ (संसोधन) बिल पास हो गया। खास बात ये रही कि भाजपा के दो विधायकों ने भी कांग्रेस सरकार के पक्ष में वोट किया। हालांकि बिल पास होने के तुरंत बाद विधानसभा को स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान बुधवार को विपक्ष को बहुमत परीक्षण की चुनौती देते हुए कहा, विपक्ष चाहे तो वह कभी भी बहुमत का परीक्षण कर ले, हम आज ही इसके लिए तैयार है, यहां कोई विधायक बिकाऊ नहीं है। कांग्रेस की सरकार पूरे पांच साल चलेगी और दम के साथ चलेगी। विकास का एक ऐसा नक्शा बनेगा जो हर वर्ग के लिए होगा।

भाजपा चाहे तो एक दिन भी नहीं चलेगी कांग्रेस सरकार

हालांकि कर्नाटक में कांग्रेस और जद (एस) गठबंधन की सरकार गिरने के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा, ""उनके दल को विधायकों की खरीद-फरोख्त जैसे कायरें पर विश्वास नहीं है, लेकिन ऊपर से नंबर एक और दो का आदेश हुआ तो राज्य में एक दिन भी नहीं लगेगा।"

कांग्रेस के विधायकों ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए सदन में हंगामा किया। वहीं बसपा की विधायक राम बाई ने साफ तौर पर कांग्रेस सरकार का समर्थन करते हुए कहा, "कमलनाथ की सरकार अडिग है।"

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गौरतलब है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार को पूर्ण बहुमत नहीं है। राज्य की 230 विधायकों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 114 और भाजपा के 108 विधायक है। वर्तमान सरकार को निर्दलीय, बसपा व सपा विधायकों का समर्थन हासिल है।