गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन पुलिस अधिकारियों को एक रेलवे ठेकेदार से जबरन वसूली की कोशिश को लेकर उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सोमवार को निलंबित कर दिया गया।

आईएएनएस ने पहले ही रिपोर्ट किया था कि कैसे सिहानी गेट पुलिस थाने में तैनात तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) संजय पांडेय व उनके डिप्टी अनिरुद्ध व सचिन ने गाजियाबाद के तुषार गोयल का एक चेक बाउंस होने के बाद उन्हें छोड़ने के लिए दो लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था।

गोयल को पैसा लाने के लिए जाने दिया गया, लेकिन इसकी बजाय उन्होंने मेरठ में एंटी करप्शन अदालत से संपर्क किया, जिसने गुरुवार को पुलिस को अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया।

गोयल ने अदालत से कहा कि पांडेय, अनिरुद्ध व सचिन ने उनके घर पर आधी रात को छापेमारी की, जहां उन्होंने उनके माता-पिता और पत्नी को अपमानित किया।

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इसके बाद वे उन्हें (गोयल को) पुलिस थाने ले गए और छोड़ने के लिए दो लाख रुपये की मांग की।एंटी-करप्शन अदालत ने अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है और मामले की एक रिपोर्ट मांगी है।