नई दिल्ली : कांग्रेस तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित का निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। बेटे संदीप दीक्षित ने उन्हें मुखाग्नी दी। इस दौरान पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखाई दिए।

दिल्ली सरकार ने शीला दीक्षित के निधन पर राष्ट्रीय राजधानी में दो दिन के शोक की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित जी के सम्मान में दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी के साथ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी भी थे। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, अहमद पटेल, किरण वालिया, जगदीश टाइटलर, शिवराज पाटिल, नगमा, अशोक वालिया, भाजपा के विजय गोयल और माकपा नेता सीताराम येचुरी तथा बृंदा करात उन्हें श्रद्धांजलि देने निजामुद्दीन स्थित आवास पहुंचे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया है।

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शीला दीक्षित 1998 से 2013 के बीच 15 वर्षो तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी को फिर से खड़ा करने के मकसद से उन्हें कुछ महीने पहले ही दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की।

शीला दीक्षित पहली बार साल 1984 में उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद चुनी गईं। बाद में वह दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हुईं। शीला के पुत्र संदीप दीक्षित भी राजनीति में हैं। वह पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से 2004 से 2014 बीच दो बार सांसद रहे हैं। शीला दीक्षित ने हाल में उत्तर पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन वह जीत नहीं पायी थीं।