पटना : बिहार की राजधानी पटना की एक अदालत ने 665 करोड़ रुपये के बकाए के मामले में पुरानी सचिवालय बिल्डिंग को जब्त करके नीलाम करने का आदेश दिया है। सिविल कोर्ट द्वारा ये आदेश बैंक का बकाया न जमा करने पर दिए गए हैं। इमारत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर मुख्य सचिव दीपक कुमार तक के कार्यलय हैं।

कोर्ट के आदेश के बाद एक टीम कार्यालय कुर्क के लिए पहुंची थी। कोर्ट द्वारा वित्त विभाग के प्रधान सचिन, लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिन, सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव और निबंधक कोऑपरेटिव सोसायटी के कार्यालय की भी कुर्की के आदेश दिए हैं।

दरअसल, भूमि विकास बैंक समिति का बिहार सरकार पर 664.85 करोड़ रुपया बकाया है। जिसके लिए बैंक ने पिछले साल कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। 31 अगस्त तक मुख्य राशि 439.7 करोड़ रूपये में ब्याज की दर जोड़कर कोर्ट ने कुल राशि 664.85 करोड़ रूपये कर दी है।

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बैंक ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा है कि बिल्डिंग में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के साथ अन्य कैबिनेट मंत्रियों, गृह सचिव और प्रमुख सचिव के कार्यालय हैं। बैंक ने कहा ये राशि सरकार के आदेश पर किसानों के कर्जमाफी और सब्सिडी के रूप में दी गयी, लेकिन सरकार ने धनराशि को बैंक को वापस नहीं लौटाई।

वहीं, अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कोर्ट से आई टीम से एक सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया। जिसके बाद कोर्ट की टीम ने कुर्की की कार्यवाही को रोक दिया और 25 जुलाई तक बकाया पैसा वापस दिलवाने का निर्देश दिया।