सूरत: गुजरात के सूरत में एक सीए बिहार के कुमार की सुपर 30 कोचिंग की तर्ज पर कोचिंग क्‍लास शुरू की है। यह कोचिंग भी आर्थिक रूप से गरीब बच्चों के लिए शुरु किया गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसके लिए अब तक 180 बच्चों को सिलेक्ट कर पढ़ाई शरू कर दी है।

बि‍हार में आनंद कुमार की कोचिंग

बि‍हार में आनंद कुमार आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को आईआईटी और जेईई की परीक्षा के लिए कोंचिंग देते हैं। इसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में है। साथ ही आनंद कुमार पर एक फिल्म भी फिलमाया गया है। आनंद कुमार की तरह ही सूरत के रवि छावछरिया भी चार्टड एकाउंटेंट कोचिंग सेंटर चला रहे हैं।

रवि छावछरिया की कोचिंग

रवि की कोचिंग क्‍लास में एडमिशन के लिए सीए स्टार नाम से एक एक्जाम हर विद्यार्थी को देनी पड़ती है। इसमें टेलेंट को परखा जाता है, साथ ही विद्यार्थी आर्थिक रूप से गरीब है या नहीं उनका बैकग्राउंड चेक किया जाता है। अगर विद्यार्थी की पृष्ठभूमि ऐसी होती है, तो उसे सीए की पढ़ाई के लिए चुना जाता है। पिछले चार साल से रवि का यह प्रोजेक्ट चल रहा है। जिसमें अब तक 180 बच्चों को सीए की पढ़ाई के लिए सिलेक्ट किया गया है।

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बताया जाता है कि रवि जब खुद सीए की पढाई कर रहे थे तभी वो बच्चों को पढ़ा रहे थे। हालांकि अब उन्होंने इस प्रोजेक्ट को विस्तृत कर दिया है। रवि ने जिन बच्चों को सिलेक्ट किया है। वह सूरत के साथ गुजरात के अन्य शहर और राजस्थान, मध्यप्रदेश के शहरों से भी होते हैं। इनकी पढ़ाई के साथ रहने और खाने का खर्च भी रवि खुद ही उठाते हैं।

रवि की इंस्टीट्यूट में आर्थिक रूप से गरीब परिवार के बच्चे पढ़ाई करते हैं, जिनमें श्रमिक, मजदूरी करने वाले परिवार शामिल हैं। साथ ही ऐसे बच्चे भी हैं, जिनके माता या पिता का निधन हुआ हो, रवि के सीए स्टार के जरिये सिलेक्ट हुए 180 बच्चे इसी पृष्ठभूमि से आते हैं। रवि हर साल 40 से 50 विद्यार्थियों का सिलेक्‍शन करते हैं, जो की आर्थिक रूप से गरीब हों पर पढाई में अव्वल हों। चार साल तक पढ़ाई करवाने के बाद सीए परीक्षा पास करने वाले बच्चों के प्लेसमेंट में भी रवि मदद देते हैं।