बिथरी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा इन दिनों सुर्खियों में हैं। दरअसल उनकी बेटी   साक्षी ने  अजितेश के साथ प्रयागराज के एक मंदिर में शादी की है। साक्षी मिश्रा का आरोप है कि पिता इस शादी से खफा हैं और वह हम दोनों की हत्या करा देना चाहते हैं। वहीं राजेश मिश्रा ने अपनी बेटी के आरोपों का खंडन किया। 
बिथरी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा इन दिनों सुर्खियों में हैं। दरअसल उनकी बेटी  साक्षी ने अजितेश के साथ प्रयागराज के एक मंदिर में शादी की है। साक्षी मिश्रा का आरोप है कि पिता इस शादी से खफा हैं और वह हम दोनों की हत्या करा देना चाहते हैं। वहीं राजेश मिश्रा ने अपनी बेटी के आरोपों का खंडन किया। 
मामला मीडिया में आया तो विधायक ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। खबरे आईं कि दो विधायकों के घर इस साजिश को रचा गया था। हालांकि शुरु में उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया। जब इस मामले की तह में जाने की कोशिश की गई तो मामला कुछ और ही निकला। साक्षी से शादी करने वाले अजितेश के गौरव से दोस्ती सामने आई।
मामला मीडिया में आया तो विधायक ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। खबरे आईं कि दो विधायकों के घर इस साजिश को रचा गया था। हालांकि शुरु में उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया। जब इस मामले की तह में जाने की कोशिश की गई तो मामला कुछ और ही निकला। साक्षी से शादी करने वाले अजितेश के गौरव से दोस्ती सामने आई।
जब मामले ने तूल पकड़ लिया तो विधायक मिश्रा ने कहा, “मेरी बेटी पर एक स्थानीय राजनेता ने एक वीडियो रिकॉर्ड करने का दबाव बनाया। एक नौकरशाह की पत्नी भी इसमें शामिल रही, जिन्होंने मेरी बेटी को (मेरे) परिवार के खिलाफ बोलने के लिए उकसाया।”
जब मामले ने तूल पकड़ लिया तो विधायक मिश्रा ने कहा, “मेरी बेटी पर एक स्थानीय राजनेता ने एक वीडियो रिकॉर्ड करने का दबाव बनाया। एक नौकरशाह की पत्नी भी इसमें शामिल रही, जिन्होंने मेरी बेटी को (मेरे) परिवार के खिलाफ बोलने के लिए उकसाया।”
स्थानीय राजनेता का नाम पूर्व ब्लॉक प्रमुख गौरव अरमान बताते हुए राजेश मिश्रा ने कहा, “गौरव (पूर्व में व्यापार साझेदार रहा) ने मुझे धोखा दिया, इसलिए मैं उससे अलग हो गया। उसने मेरे राजनीतिक विरोधियों से हाथ मिला लिया। इसमें नौकरशाह की पत्नी भी शामिल हैं और अजितेश के परिवार के साथ मिलकर साजिश (घर से भागने की) रची।”
स्थानीय राजनेता का नाम पूर्व ब्लॉक प्रमुख गौरव अरमान बताते हुए राजेश मिश्रा ने कहा, “गौरव (पूर्व में व्यापार साझेदार रहा) ने मुझे धोखा दिया, इसलिए मैं उससे अलग हो गया। उसने मेरे राजनीतिक विरोधियों से हाथ मिला लिया। इसमें नौकरशाह की पत्नी भी शामिल हैं और अजितेश के परिवार के साथ मिलकर साजिश (घर से भागने की) रची।”