नई दिल्ली। साक्षी मिश्रा-अजितेश कुमार की शादी के बाद से ही विधायक राजेश मिश्रा का परिवार अवसाद में है। वहीं विधायक राजेश मिश्रा भी इस मामले के सामने आते ही कई दिनों से चुप हैं। उन्होंने खुद को अपने घर में कैद कर लिया है। इन सब के पीछे उनका दर्द साफ झलक रहा है। कई दिनों के बाद उन्होने गुरूवार को अपनी चुप्पी तोड़ी है। भाजपा विधायक राजेश मिश्रा ने कहा कि साक्षी के घर छोड़कर जाने की घटना की आड़ में राजनेताओं और अधिकारियों की एक लॉबी ने उनकी राजनीतिक करियर को खत्म करने व उनकी छवि को खराब करने के लिए साजिश रची।

बरेली के बिथरी-चैनपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक मिश्रा ने कहा, "मेरी बेटी पर एक स्थानीय राजनेता ने एक वीडियो रिकॉर्ड करने का दबाव बनाया। एक नौकरशाह की पत्नी भी इसमें शामिल रही, जिन्होंने मेरी बेटी को (मेरे) परिवार के खिलाफ बोलने के लिए उकसाया।"

गौरव सिंह पूर्व में राजेश का बिजनेस पार्टनर भी रह चुका है।
गौरव सिंह पूर्व में राजेश का बिजनेस पार्टनर भी रह चुका है।

गौरव ने रची साजिश

स्थानीय राजनेता का नाम पूर्व ब्लॉक प्रमुख गौरव अरमान बताते हुए राजेश मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, "गौरव (पूर्व में व्यापार साझेदार रहा) ने मुझे धोखा दिया, इसलिए मैं उससे अलग हो गया। उसने मेरे राजनीतिक विरोधियों से हाथ मिला लिया। इसमें नौकरशाह की पत्नी भी शामिल हैं और अजितेश के परिवार के साथ मिलकर साजिश (घर से भागने की) रची।"

अफसर की पत्नी ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा की वजह से लिया बदला

नौकरशाह (उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी) की पत्नी के संबंध पर मिश्रा ने कहा कि महिला की नजर बिथरी पर थी। इस निर्वाचन क्षेत्र से मिश्रा 2017 में निर्वाचित हुए। महिला की राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी और इसलिए उसने अपना बदला निकाला।

मैं कही बाहर नहीं जाना चाहता

साक्षी के अजितेश के साथ अंतर-जातीय विवाह पर भाजपा विधायक ने बरेली के अपने घर से फोन पर कहा, "वह बड़ी हो गई हैं..वह अपना भविष्य तय कर सकती हैं। मैं उनके लिए बाधा नहीं बनूंगा। हालांकि, जिस तरह से मेरे विरोधियों की एक लाबी ने मेरे खिलाफ कार्य किया, आग में धी डालने का काम किया और आखिरकार मेरे परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की, उससे मुझे तकलीफ हुई है। मैं कहीं बाहर नहीं जाना चाहता। लखनऊ में विधानसभा सत्र चल रहा है। एक विधायक के रूप में मुझे सत्र में भाग लेना चाहिए। लेकिन, साफ कहूं तो बाहर जाने का मेरा मन नहीं है।"

साक्षी के घर छोड़कर अजितेश के साथ जाने पर भाजपा नेता कहा कि वह घटना पर और अपनी बेटी की भूमिका पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं क्योंकि उनका पूरा परिवार अवसाद में है।

घटना को याद करना बेहद कष्टकारक

उन्होंने कहा, "घटना को याद करना कष्टकारक है। हमारे गांवों की संस्कृति को समझें--कैसे आपके विरोधी किसी अवसर का बेहतर इस्तेमाल करते हैं और किसी की छवि को खराब करते हैं। मैं जानता हूं कि गौरव के अलावा दो अन्य वरिष्ठ नेता अजितेश के परिवार की सहायता कर रहे हैं।"

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जिस दिन साक्षी गई उस दिन बेटा दिल्ली में था

बेटी साक्षी द्वारा इस्तेमाल किए गए वीडियो पर भाजपा नेता ने कहा, "तीन जुलाई को दो युवक, जो गौरव के संपर्क में थे, शाम चार बजे मेरे घर पहुंचे। मैं तब लखनऊ से लौट रहा था, जबकि मेरा बेटा विकी एम्स (दिल्ली) गया था। मेरी छोटी बेटी सो रही थी, जब साक्षी गई। अगले दिन गौरव ने साक्षी व अजितेश पर एक वीडियो रिकॉर्ड करने का दबाव बनाया व सोशल मीडिया पर जारी करने को कहा। मेरे राजनीतिक विरोधियों की पूरी लॉबी ने मेरे खिलाफ काम किया और अजितेश को मेरे खिलाफ बोलने के लिए उकसाया। यह वीडियो इलाहाबाद के करीब रिकॉर्ड किया गया। मेरा सवाल है कि जब मैंने साक्षी को एक शब्द नहीं बोला तो वीडियो क्यों रिकॉर्ड किया गया और बड़े मीडिया घरानों को क्यों वितरित किया गया।"

गौरव सिंह की आपराधिक छवि

भाजपा विधायक ने कहा कि गौरव की आपराधिक पृष्ठभूमि है। उन्होंने कहा, "मैं उस ऑडियो रिकार्डिग की पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा हूं जिसमें पता चल रहा है कि गौरव मेरी हत्या की योजना बना रहा था। यह रिकार्डिग गौरव के एक पुराने साथी ने पुलिस को दी है।"