पटना : बिहार में इन दिनों एक चिट्ठी को लेकर बवाल शुरू हो गया है। यह चिट्ठी बिहार सरकार की ओर से आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों को लेकर सरकार की स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी की गई है । चिट्ठी जारी होते ही सियासी दल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। अब इस बवाल पर जेडीयू के नेताओं को जवाब देते नहीं बन रहा है। उधर बीजेपी आरएसएस का समर्थन उतर आई है और उसे देश का सबसे बेहतर ऑर्गेनैइजेशन बता रही है।

यह चिट्ठी वायरल हो गई है।
यह चिट्ठी वायरल हो गई है।

कब लिखी गई यह चिट्ठी

यह चिट्ठी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के गठन के दौरान लिखी गई थी।बिहार सरकार के स्पेशल ब्रांच के एसपी ने बिहार के सभी जिलों के अधिकारियों को एक चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में आरएसएस और उससे जुड़े 19 संगठनों के बारे में जानकारी जुटाने और मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। चिट्ठी को 28 मई को जारी किया गया और इस पर ३ जून को अमल करने का निर्देश जारी किया गया था। जेडीयू के खिलाफ अब इसीमामले पर विपक्षी दलों ने एक- एक कर निशाना साधना शुरू रकर दिया है।

विपक्षियों ने निशाना साधने पर बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा कि दोनों आरएसएस के सदस्य रहे हैं और आरएसएस को देश का सबसे बेहतर संगठन है। वहीं जेडीयू नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।