नई दिल्ली : देश के लगभग सभी प्रदेशों में दस्तक दे चुका मानसून अब अपना असर दिखाने लगा है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।

इनमें ओडिशा, उत्तराखंड, केरल, दक्षिण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, कोंकण-गोवा, गुजरात, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्य शामिल हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, व राजस्थान के शेष हिस्सों में मानसून की पूरी सक्रियता के आसार हैं। पिछले दो दिनों से उत्तर और पूर्वी भारत में हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

सामान्य से ज्यादा बारिश

रविवार शाम तक देश में 12.1 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। यह सामान्य (8.7 मिमी) से 39% से ज्यादा है। रविवार को 13 राज्यों में सामान्य से बहुत ज्यादा और 2 राज्यों में ज्यादा बारिश हुई। 6 राज्यों में सामान्य बारिश हुई। 9 राज्यों में सामान्य से बहुत कम और 6 राज्यों में सामान्य से कम बारिश रिकार्ड की गई।

मानसून की ज्यादा कमी नहीं होगी

मानसून लगभग पूरे देश में आ गया है लेकिन मौसम विभाग के तीन चौथाई उप मंडल अब भी ‘कम' बारिश होने वाली श्रेणी में हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने के शुरू में समग्र मानसून कमी 33 फीसदी थी जो घटकर 21 प्रतिशत हो गई है। देश के किसी भी उपमंडल में ‘बड़ी कमी' दर्ज नहीं की गई है।

इसे भी पढ़ें :

अगर आप भी बारिश में घूमने का शौक रखते हैं तो यहां जाना ना भूलें

अगले कुछ दिनों में मानसून की बारिश बन सकती है आफत, अब तक 22 की मौत

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, देश के 91 प्रमुख जलाश्यों में से 62 जलाश्यों में पानी का स्तर 80 फीसदी या सामान्य भंडारण से नीचे है। विभाग के चार मंडल है जो 36 उपमंडल में विभाजित हैं। इनमें से 24 उप मंडलों में ‘कम' बारिश हुई है। सबसे कम बारिश पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में हुई है, जहां 36 फीसदी कम वर्षा हुई। इसके बाद दक्षिणी प्रायद्वीप आता है जहां 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

आकंड़ों के मुताबिक, मध्य भारत में पिछले हफ्ते अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने पूर्वी और पूर्वोत्तर मंडल में पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड और सभी पूर्वोत्तरी राज्य आते हैं। वहां कम बारिश हुई है। पूर्वी राजस्थान उपमंडल में ज्यादा बारिश हुई है। मध्य भारत मंडल में कच्छ सौराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ उपमंडलों में कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। दक्षिण प्रायद्वीप में 10 उपमंडल हैं, उनमें से सात में वर्षा की कमी देखी गई है।