नई दिल्ली : भारी बहुमत से दूसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में राजकोषीय मजबूती पर जोर देते हुए जहां एक तरफ पेट्रोल, डीजल पर कर बढ़ाया वहीं अमीरों पर अधिभार में वृद्धि की है। देश में आज से पेट्रोल 2.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.30 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है ।

देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपने बजट भाषण के दौरान पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी और रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार ने दावा किया था कि इस बढ़ोतरी से सरकार खजाने को  28,000 करोड़ की आय होगी।

आपको बता दें कि किन-किन शहरों में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े हैं।

* हैदराबाद-

हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 74.88 रूपए प्रति लीटर से बढ़कर 77.48 रूपए प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा हैदराबाद में डीजल की कीमत 70.66 रूपए प्रति लीटर से से बढ़कर 72.62 रूपए प्रति लीटर हो गई है।

* दिल्ली -

दिल्ली में 5 जुलाई को पेट्रोल की कीमत 70 रुपये 91 पैसे थी. आज पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 72 रुपये 96 पैसे प्रतिलीटर हो गई है।

इसके अलावा डीजल की कीमतें 64 रुपये 33 पैसे प्रति लीटर थी। बढ़ोतरी के बाद अब डीजल की कीमतें 66 रुपये 69 पैसे हो गई है।

* मुंबई-

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 78 रुपये 57 पैसे प्रति लीटर हो गई है। 5 जुलाई को पेट्रोल की कीमत 76 रुपये 15 पैसे थी।

इसके अलावा डीजल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। मुंबई में अब डीजल 69 रुपये 90 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। शुक्रवार को डीजल की कीमत 67 रुपये 40 पैसे प्रति लीटर थी।

* कोलकाता -

बजट में सेस लगाने की घोषणा के बाद कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें 75 रुपये 15 पैसे प्रति लीटर हो गई है। बढ़ोतरी से पहले यहां पर एक लीटर पेट्रोल की कीमत 72 रुपये 75 पैसे प्रति लीटर थी।

इसके अलावा डीजल की कीमत अब 68 रुपये 59 पैसे हो गई है, इससे पहले डीजल की कीमत 66 रुपये 23 पैसे थी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणलोकसभा में 2019- 20 का बजट पेश करते हुए 2024-25 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था के लिये रूपरेखा पेश करने के साथ सभी को बिजली, गैस कनेक्शन के साथ पक्का मकान और पेय जल उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इससे पहले पिछली सरकार ने फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया था।

इसके साथ सीसीटीवी कैमरा, वाहन कलपुर्जे, आप्टिकल फाइबर सहित दर्जनों सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देने के वास्ते अतिरिक्त संसाधन जुटाने का प्रसताव किया है।

इस बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने तथा मध्यम वर्ग को राहत देने के लिये आवास क्षेत्र में बैंक रिण पर ब्याज में दी जाने वाली कर राहत को बढ़ाया गया है। कंपनियों की कर घटाने की मांग पर ध्यान देते हुये 400 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिये कर की दर 30 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी गई। वहीं स्टार्ट अप के लिये कर नियमों को सरल बनाते हुये कई घोषणायें की गई हैं।

बजट में आम वेतन भोगी तबके के लिये कर-स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरिम बजट में पांच लाख रुपये तक की कर-योग्य आय पर दी गई आयकर छूट को बरकरार रखा है। इसके अलावा दो करोड़ से पांच करोड रुपये की कर योग्य कमाई पर 25 प्रतिशत और पांच करोड़ रुपये से अधिक की सालाना आय वालों पर 37 प्रतिशत की दर से कर अधिभार लगा दिया गया है। इससे सरकार को 12 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।